Author Archive: Mrityunjay Team

भटकाव से मुक्ति के लिये शिव को गुरू बनायें

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शिव गुरु को साक्षी बनाकर किये गये, कामों में रुकावटें नही आतीं 
शिव गुरुओं के भी गुरु हैं. जब गुरू शिव हों तो इष्ट कोई भी हो अभीष्ट की प्राप्ति हो ही जाती है। उनको गुरु बनाने की विधि नीचे है उसे अपनायें और सुखों की राह पर चल पड़ें।
1. आंखें बंद करके आराम से बैठ जायें.
2. भगवान शिव से कहें हे देवाधिदेव महादेव भगवान शिव मै आप को अपना गुरु बनने का आग्रह कर रहा हूं. आप मुझे शिष्य के रूप में स्वीकार करें.
इसे तीन बार दोहरायें। श्रद्धा और विश्वास भाव से एेसा करने से शिव जी आग्रह कर्ता को शिष्य रूप में स्वीकार कर लेते हैं।  
3. दोनों ऊपर हाथ उठाकर ब्रह्मांड की तरफ देखते हुए 3 बार घोषणा करें. कहें- अखिल अंतरीक्ष सम्राज्य में मै घोषणा करता हूं कि शिव मेरे गुरु हैं मै उनका शिष्य हूं. शिव मेरेगुरु हैं मै उनका शिष्य हूं. शिव मेरे गुरु हैं मै उनका शिष्य हूं. तथास्तु. घोषणा दर्ज हो. हर हर महादेव.
इससे ब्रह्मांड की सभी शक्तियों को पता चल जाता है कि आग्रह कर्ता शिव शिष्य है। समय समय पर उनका सहयोग मिलता है। 
4. शिव गुरु से कम से कम तीन बार रोज कहें- हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं. मुझ शिष्य पर दया करें. हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं. मुझ शिष्य पर दया करें. हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं. मुझ शिष्य पर दया करें.
5. हर रोज शिव गुरु को नमन करें. इसके लिये शांत मन से कुछ मिनटों तक जपें- नमः शिवाय गुरुवे.
6. भगवान शिव को राम नाम सबसे अधिक प्रिय है. वे खुद भी सदैव इसका ध्यान करते रहते हैं. इसलिये उन्हें गुरु दक्षिणा के रूप में उनकी सबसे प्रिय चीज राम राम ही अर्पित करें.
इसके लिए रोज नमन करने के बाद शिव गुरु से निवेदन करें. कहें- मै आपको गुरु दक्षिणा के रूप में राम नाम सुना रहा हूं. आप मेरे मन के मंदिर में विराजमान होकर राम राम सुने और गुरू दक्षिणा के रूप में स्वीकार करें. मुझे सदैव दैवीय सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करें. आपका धन्यवाद.
7.
शिव गुरुको साक्षी बनाकर शुरु किये कार्यों में रुकावटें नही आतीं. इसलिये जो भी काम करें उसके लिये भगवान शिव को पहले साक्षी बना लें. कहें- हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं, मुझ शिष्य पर दया करें। आपको साक्षी बनाकर ये कार्य करने जा रहा हूं. इसकी सफलता के लिये मुझे दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करें. आपका धन्यवाद।
शिव शरणं।