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महाकाल साधनाः जीवन जीतने का ऋषि विधान

काल (समय) और काल (मृत्यु) की मार को पूर्णता से रोक देने में महाकाल ही सक्षम हैं। जो भाग्य भी नही दे सकता उसे महाकाल देने में सक्षम हैं। जिन साधकों की अब तक की तमाम साधनाएं, पूजा-पाठ, कामनाएं, योजनाएं, क्षमताएं, योग्यताएं निष्फल गयी हैं वे महाकाल को जरूर मनाएं।
महाकाल साधना करें
महाकाल साधना से ग्रह दोष, पितृदोष, भय- बाधा और ऋणों से मुक्ति मिलती है. इसके साधक समस्याओं, नकारात्मकता, प्रतिकूलता को हराकर जीवन जीत लेते हैं। तन- मन- धन से संपन्न हो जाते हैं.


महाकाल मन्त्र
ॐ नमो भगवते रुद्राय महाकाल द्रष्टाय सर्व अभीष्ट सिद्धाय हुं फट स्वाहा
ऋषि विधान के अनुसार इस मंत्र के बीज मंत्रों को साधक के शक्ति केंद्रों में स्थापित कर दिया जाये, तो सिद्धियां सामने आ खड़ी होती हैं।
सक्षम साधकों ने इसे युगों से आजमाया है। 

शक्ति केंद्रों में मंत्र की स्थापना 
साधना के दौरान सिद्ध महाकाल रुद्राक्ष के द्वारा महाकाल मंत्र को साधकों की कुंडलिनी, आभामंडल, उर्जा चक्रों सहित सभी शक्ति केंद्रों में स्थापित किया जाता है। शक्ति केंद्रों में स्थापना के बाद साधक के भीतर मंत्र के बीज मंत्रों की सक्रियता बढ़ जाती है। रोम रोम में व्याप्त हो जाती है।
साधक के 33 लाख से अधिक रोम छिद्रों और उनमें स्थित सूक्ष्म उर्जा च क्रों से मंत्र की उर्जा तरंगे प्रवाहित होने लगती हैं। जो अंतरीक्ष में बढ़ती हुई महाकाल की उर्जाओं से जुड़ जाती हैं। इस तरह साधक महाकाल की उर्जाओं से जुड़कर उनकी शक्तियां प्राप्त करने में सक्षम हो जाते हैं। महाकाल को सम्मोहित करने में सक्षम हो जाते हैं।


महाकाल सम्मोहन रुद्राक्ष
आमतौर से 10 मुखी या 7 मुखी रुद्राक्ष को महाकाल सम्मोहन रुद्राक्ष के रूप में सिद्ध किया जाता है. उसके बाद उसे साधक की उर्जाओं से जोड़ा जाता है। 
महाकाल साधना के लिए सिद्ध महाकाल सम्मोहन रुद्राक्ष की आवश्यकता होती है. सक्षम साधक महाकाल की उर्जाओं से लगातार जुड़े रहने के लिये महाकाल सम्मोहन रुद्राक्ष का उपयोग करते हैं। साधना पूर्ण होने के बाद साधक इसी रुद्राक्ष के द्वारा भगवान शिव को अपनी ओर सम्मोहित करते हैं. जब भगवान शिव सम्मोहित होकर जीवन में व्याप्त हो जाते हैं तो कहने की जरूरत नही साधक का जीवन किस स्तर पर पहुंच जाता है.


साधना का उद्देश्य
भगवान शिव को आकर्षित करके उन्हें अपने जीवन में व्याप्त करने के लिए महाकाल साधना की जाती है. महाकाल साधना से मृत्यु तुल्य कष्टों का निवारण होता है. महाकाल साधना करने के बाद बड़ी से बड़ी समस्या साधक के सामने में टिक नहीं पाती. यह बहुत ही  दिव्य साधना है.
महाकाल साधना के जरिए साधक भगवान शिव को आकर्षित करके अपने जीवन में व्याप्त कर लेते हैं. महाकाल साधना से मृत्यु तुल्य कष्टों का भी निवारण हो जाता है. महाकाल साधना से ग्रह दोष, पितृदोष, भय- बाधा और ऋणों से मुक्ति मिलती है. इसके साधक समस्याओं, नकारात्मकता, प्रतिकूलता को हराकर जीवन जीत लेते हैं।
साधक तन- मन- धन से संपन्न हो जाते हैं.


साधना मुहूर्त व जप संख्या
महाकाल साधना किसी भी शुभ योग में की जाती है। खासतौर से शिव योग को अधिक उपयोगी माना जाता है। प्रदोष, शिवरात्रि, सोमवार को मिलने वाले शुभ योग सर्वोत्तम माने जाते हैं। 
यह साधना 16 दिन की होती है।
हर दिन 11 माला मंत्र जप करना होता है। 108 मनके की रुद्राक्ष माला का उपयोग करना चाहिये।


साधना विधान
1- सिद्ध महाकाल सम्मोहन रुद्राक्ष धारण करके एकांत साधना स्थल पर उत्तर मुख होकर बैठें. 
श्री गणेशाय नमः बोलकर साधना आरम्भ करें। 
सिद्ध महाकाल सम्मोहन रुद्राक्ष से साधना सिद्धि में सहायता का आवाहन करें. कहें- हे दिव्य रुद्राक्ष आपको महाकाल सम्मोहन रुद्राक्ष के रूप में सिद्ध किया गया है। आप मेरी भावनाओं से जुड़कर मेरे लिये सिद्ध हो जायें। महाकाल सिद्धि प्राप्त करने में मेरी सहायता करें।
आपका धन्यवाद। 
2- संजीवनी शक्ति का आवाहन करें. कहें- दिव्य संजीवनी शक्ति मुझ पर दैवीय उर्जाओं की बरसात करें। शक्तिपात के द्वारा मेरे आभामंडल, उर्जा चक्रों को उर्जित करें, उपचारित करें। मुझे महाकाल साधना सिद्धि हेतु सक्षम बनायें। मुझे मेरे गुरुदेव के साथ जोड़कर रखते हुए मेरे आभामंडल को भगवान महाकाल के आभामंडल के साथ जोड़ दें। मेरे मन को पवित्र और सुखमय शिवाश्रम बना दें। 
आपका धन्यवाद। 
3- भगवान शिव को साक्षी बनायें. कहें- हे देवाधिदेव महादेव आपको साक्षी बनाकर मै ॐ नमो भगवते रुद्राय महाकाल द्रष्टाय सर्व अभीष्ट सिद्धाय हुं फट स्वाहा  मंत्र का जप करके महाकाल साधना सम्पन्न कर रहा हूं. महाकाल स्वरूप में आप मुझे इसकी अनुमति प्रदान करें। सफलता हेतु दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करें।  मेरे द्वारा सम्पन्न मंत्र जप को स्वीकार करें, साकार करें. मुझे महाकाल सिद्धि प्रदान करें. मेरे जीवन में तन, मन, धन के सुख स्थापित करें। मेरे द्वारा इच्छित लोगों का भी कल्याण करें। 
आपका धन्यवाद।
4- मंत्र से सिद्धि का आग्रह करें. कहें- हे दिव्य मंत्र ॐ नमो भगवते रुद्राय महाकाल द्रष्टाय सर्व अभीष्ट सिद्धाय हुं फट स्वाहा भगवान शिव को साक्षी बनाकर मै आपका जप कर रहा हूं. आप मेरी भावनाओं से जुड़कर मेरे लिये सिद्ध हो जायें. मुझे महाकाल सिद्धि प्रदान करें।
आपका धन्यवाद।
5- उसके बाद मंत्र जप आरम्भ करें। रुद्राक्ष माला से 11 माला जप करें। जप पूरा होने के बाद ॐ इंद्राय नमः बोलकर धरती माता को प्रणाम करें।  फिर उठ जायें।


साधना के नियम 
साधना अपने घर से ही करनी है। साधना के समय सरसों के तेल का दीपक जलायें। धूपबत्ती या रूम फ्रेसनर से सुगंध करें। साधना के समय किसी भी रंग के साफ कपड़े पहने। साधना के दिनों में ब्रह्मचर्य का पालन करें। किसी की आलोचना न करें। गुस्से पर कंट्रोल करें। कम, बोलें, कम खायें। 16 दिन की साधना के दौरान हर दिन किसी को भोजन दान करें।


साधक अपना फोटो भेजें
जो साधक महाकाल साधना करना चाहते हैं वे महाकाल सम्मोहन रुद्राक्ष सिद्ध कर लें. या किसी सिद्ध गुरू से सिद्ध करा लें। कोई साधक चाहे तो अपना मृत्युंजय योग रुद्राक्ष संस्थान से भी सिद्ध करा सकते हैं। सिद्ध रुद्राक्ष के साथ अपना फोटो हमारी
हेल्पलाइन 9250500800 पर वाट्सअप करें।
गुरूजी फोटो और रुद्राक्ष के द्वारा साधकों की उर्जा को महाकाल मंत्र के साथ जोड़ेंगे। मंत्र के बीज मंत्रों को साधकों के शक्ति केंद्रों में स्थापित करेंगे।


साधना रजिस्ट्रेशन
जो साधक एनर्जी गुरू राकेश आचार्या जी के मार्गदर्शन में महाकाल साधना करने के इच्छुक हैं वे आगे दिये लिंक से अपना रजिस्ट्रेशन करा लें।
या हमारी हेल्पलाइन –
9999945010 पर सम्पर्क कर लें.

Registration Link…
https://www.payumoney.com/webfronts/#/index/mahakal


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