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देखें रहस्यमयी शक्ति ने कैसे की केदारधाम की रहस्यमयी सुरक्षा

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सभी अपनों को राम-राम।
आज मैं आपके साथ आज की केदारनाथ धाम की तीन तस्वीरें शेयर कर रहा हूं। तस्वीरें विशेष अनुष्ठान के लिये केदारनाथ धाम में प्रवास कर रही मृत्युंजय योग आचार्य टीम के सदस्यों ने भेजी है।
धाम में आज सुबह मौसम साफ था। आ भी दर्शन कर लें और देखें किसी रहस्यमयी शक्ति ने कैसे की केदारनाथ धाम की रक्षा की थी।
पहली तस्वीर में बाहर विराजमान नंदी महाराज की है. उनकी अनंत शिवभक्ति को प्रणाम करें।
दूसरी तस्वीर केदार धाम मंदिर की है। भगवान को प्रणाम करें।
तीसरी तस्वीर भी केदार धाम मंदिर की है किंतु या आपके पहचान में नहीं आ रही होगी । इस रहस्यमई तस्वीर के बारे में जान बताता हूँ।
पहाड़ जैसा यह पत्थर केदार धाम में आपदा के समय किसी रहस्यमई के द्वारा ऊपर पहाड़ों से लाकर मंदिर के पीछे रख दिया गया था। वही आपदा जिसमें सैकड़ों किलोमीटर तक तबाही हुई।
यह वही पत्थर है जिसकी जिसकी वजह से जल प्रलय की स्थिति में भी केदारनाथ मंदिर बचा रहा ।
केदारनाथ आपदा मैं वहां से सैकड़ों किलोमीटर दूर तक तबाही मची। जल प्रलय की राह में आई हजारों मकान बह गए, मंदिर बह गए, घर बह गए बस्तियां बह गई पुल बह गए।
किंतु जहां से प्रलय शुरू हुई थी वहीं स्थिति केदार धाम मंदिर पूरी तरह सुरक्षित रहा। ऊंचे बर्फीले पहाड़ों से शुरू हुए जल प्रलय का पहला शिकार केदारनाथ मंदिर ही था। लेकिन उसे कुछ न हुआ।
क्योंकि उसके पीछे किसी रहस्यमई शक्ति ने पहाड़ जैसी यह पत्थर शीला लाकर रख दिया। ऊपर ग्लेशियर फटने से जो भी पानी का बहाव प्रलय मचाता हुआ ऊपर से आ रहा था वह इसी पत्थर से टकरा कर इधर उधर मुड़ गया और केदार धाम मंदिर पूरी तरह से सुरक्षित रहा। उसके आसपास की सभी बस्तियां बह गईं, बाजार बह गए। जल प्रलय इतना प्रचंड था कि वहां से सैकड़ों किलोमीटर दूर तक भारी तबाही हुई। हजारों लोग बह गए। छोटे बड़े लाखों जीव बह गए।
जल प्रलय से पूरी दुनिया अचंभित रह गयी।
प्रलय थमी तो देखा गया कि केदारधाम मंदिर को कुछ नही हुआ। वहां गए लोगों ने पाया कि मंदिर के पीछे पहाड़ सी पत्थर शिला रखी है। यह ब्रह्मांड के विस्मकारी रहस्यों में से एक था।
कुछ लोगों ने तर्क दिया कि पानी के तेज बहाव में वह पत्थर ऊपर से बहकर आ गया।
यह पहाड़ अगर जल प्रलय के भारी वेग से ऊपर से बहकर आया था तो मंदिर के पीछे आकर क्यों रुक गया। उसे तो मंदिर को ध्वस्त करते हुए आगे बह जाना चाहिये था।
मगर ऐसा था नही ।
दरअसल किसी अज्ञात शक्ति ने मंदिर की सुरक्षा के लिये उसे कहीं से लाकर वहां बड़े ही व्यवस्थित तरीके से रख दिया। जिसे जल प्रलय हिला भी न सका और मंदिर सुरक्षित रह।
केदार धाम मंदिर में विशेष अनुष्ठान गई मृत्युंजय योग परियों की टीम ने या फोटो आ गया भेजा है आप भी देखें भगवान की रहस्यमयी शक्तियों का प्रमाण।
शिव शरणं।।