एनर्जी बैगः सफलता, समृद्धि, स्वास्थ, सुरक्षा का युगों पुराना सरल उपाय

energy bag

एनर्जी बैग से समस्याओं का समाधान

  • कर्ज, कलह
  • रोग, बीमारी
  • तंत्र-बाधा भय
  • नजर दोष भय
  • विवाद, मुकदमा
  • दुश्मनों की साजिश
  • अभाव, दरिद्रता
  • पीड़ा, परेशानी
  • ग्रह- नक्षत्र पीड़ा
  • वास्तु दोष पीड़ा
  • पितृ दोष पीड़ा
  • देव दोष पीड़ा

एनर्जी बैग से उपलब्धियां

  • पढ़ाई, परीक्षा
  • धन, समृद्धि
  • जाब, प्रतिभा प्रदर्शन
  • कामकाज, कारोबार
  • राजनीति उपलब्धि
  • सामाजिक कार्य
  • साम्नान, प्रतिष्ठा
  • अध्यात्म, सिद्धियां

एनर्जी बैग बनाने की विद्या

आभामंडल और घर-मकान में घुसी नकारात्मक उर्जायें जीवन में दुख, तनाव, समस्यायें पैदा करती हैं। उन्हें हटा दिया जाये तो असफलता, समस्यायें, रुकावटें हट जाती हैं। सफलतायें मिल जाती हैं।
आभामंडल और उर्जा चक्रों को उपचारित करने के लिये प्रकृति में चीजें भरी पड़ी हैं। विभिन्न तरह के रुद्राक्ष, रत्न, क्रिस्टल, पत्थर, मिट्टी, जड़ी-बूटियां, नारियल, सुपारी, तांत्रिक प्रयोग की वस्तुयें, पूजा-पाठ की वस्तुयें, आनाज, पुष्प, फल, पेड़-पौधे, जीव-जंतु और उनके अवशेष सहित हजारों चीजें ऐसी हैं जो युगों से मानव उर्जा को उपचारित करने के लिये उपयोग किये जाते रहे हैं. जिससे लोगों का जीवन बदलता है।

जरूरी है उनकी पहचान करना. ये जानना कि कौन सी वस्तु आभामंडल और उर्जा चक्रों पर कब कैसा प्रभाव डालती है. मानव उर्जायें ठीक करने के लिये उन्हें कैसे तैयार किया जाना चाहिये. किस तरह उन्हें जाग्रत किया जाये. किस तरह उन्हें सिद्ध किया जाये. और किस तरह उनका उपयोग किया जाये.
ऋषियों, मुनियों ने इस पर लम्बा अनुसंधान किया। उनके उपयोग का पता लगाया। उसके आधार पर सिद्ध पोटली विद्या का निर्णाम किया। जो युगों से कारगर है। एनर्जी बैग उसी विद्या के आधार पर निर्मित किये जाते हैं।
अलग अलग समस्याओं के लिये अलग अलग वस्तुओं के एनर्जी बैग तैयार कराये जाते हैं.
एनर्जी बैग लोगों को समस्याओं की उलझन से निकालने में सक्षम होते हैं। ये बहुत तेज असर डालते हैं. देखते देखते लोगों की, उनके घरों, मकानों , कामकाज की जगह की उर्जाओं को बदल डालते हैं। इनका उपयोग बहुत सरल और सुरक्षित है.

एनर्जी बैग के प्रयोग के नियम

उपयोग के लिये एनर्जी बैग को अपने घर में या कार्यस्थल में स्थापित करना होता है. बाकी काम ये खुद करता है.
एनर्जी बैग में हर व्यक्ति की उर्जा के हिसाब से अलग अलग चीजों का उपयोग होता है.
उन वस्तुओं को जाग्रत व सिद्ध करके व्यक्ति के उद्देश्य को पूरा करने के लिये तैयार किया जाता है.
जरूरत की सभी वस्तुओं को एक बैग में एक साथ रखा जाता है. इसे खोलकर देखने से प्रोग्रामिंग बदल जाती है. एेसे में एनर्जी बैग वांक्षित लाभ नही दे पाता. इसलिये खोलें नहीं.
एनर्जी बैग वहां स्थापित किया जाता है जहां सम्बधित व्यक्ति रहता या काम करता है. स्थापित करने के बाद इसे 27 दिनों तक छुवें बिल्कुल नहीं. इसे अपने घर या कार्यस्थल में कहीं भी सुरक्षित जगह पर रख सकते हैं.
स्थापित होते ही एनर्जी बैग उस व्यक्ति और उस जगह पर फैली उन रुकावटीं उर्जाओं को खींचकर अपने भीतर लेने लगता है. जिनके कारण व्यक्ति को परेशानी है या काम रुक रहे हैं.
आमतौर से एनर्जी बैग 12 से 18 दिन के भीतर वहां के वातावरण की नकारात्मक उर्जाओं को अपने भीतर सोख लेता है.
उसके बाद उस व्यक्ति के आभामंडल और उर्जा चक्रों में व्याप्त नकारात्मक उर्जाओं को सोखता है. इसमें 7 से 9 दिन का समय लगता है.
एनर्जी बैग द्वारा नकारात्मक उर्जाओं को खींच लिये जाने से व्यक्ति के सामने से रुकावटें हट जाती हैं, उसकी सकारात्मकता निखरती है. और वो सफलता की तरफ बढ़ जाता है.
काम कर चुका एनर्जी बैग नकारात्मक उर्जाओं से भर जाता है. एेसे में उसे रखना ठीक नही होता. इसलिये 27 से 30 दिन के भीतर उसे जल प्रवाह कर देना चाहिये. या कम से कम 2 फुट गहरे गड्ढ़ें में दबा देना चाहिये. एेसा न करने पर एनर्जी बैग में खींची गई नकारात्मक उर्जायें दोबारा वातावरण में फैलने का खतरा रहता है.
यूज हो चुके एनर्जी बैग से ये सोच कर मोह न करें कि इससे कई काम बन गयें हैं तो इसलिये हटाया न जाये.
किसी और के लिये तैयार एनर्जी बैग को अपने घर में कभी न रखें. इससे नुकसान हो सकता है.
अपने घर का एनर्जी बैग किसी और की जगह में न फेंकें. इससे दोनो को नुकसान हो सकता है.

हेल्पलाइन: 9210500800
सबका जीवन सुखी हो, यही हमारी कामना है
शिव शरणम्।