Author Archive: Mrityunjay Team

समृद्धि साधना को तैयार हो जाएँ…

राम राम मै शिवांशु
आज के युग में सुखी जीवन के लिये समृद्धि एक अनिवार्य सा आयाम बन गया है. समृद्धि का मतलब है धनाभाव का अंत.
आप इसके लिये तैयार हो जाएँ. गुरुवर ने ग्रुप से जुड़े लोगों को समृद्धि साधना कराने का निर्णय लिया है. जो नवरात के पहले दिन से शुरू होकर दीपावली तक चलेगी. 
बीज मन्त्रों के संयोग से की जाने वाली यह साधना बड़ी ही विलक्षण है. साधक इसे दो उद्देश्यों से करते हैं.
पहला देवी से साक्षात्कार के लिये.
दूसरा जीवन में समृद्धि स्थापित करने के लिये.
इसकी देवी महालक्ष्मी हैं. युगों से साधक इसे संपन्न करके समृद्धि का सुख भोगते आये हैं.
गुरुवर ने आपके लिये इसके जरिये समृद्धि का लक्ष्य तय किया है. जो देवी का साक्षात्कार करना चाहेंगे उन्हें गुरुदेव से आकर मिलना होगा.
साधना का मन्त्र और विधान जल्दी ही मै आपको बताऊंगा.
तब तक आप पितृ तर्पण जारी रखें. क्योकि इस साधना की सिद्धि के लिये पितरों की अनुकूलता जरूरी होती है. पितृ तर्पण का विधान आपको पहले बताया जा चुका है.