Energy Report

E Report


एनर्जी रिपोर्ट क्या है… एनर्जी रिपोर्ट सभी की समस्या के समाधान का संग्रह है। जिनके पास अपनी एनर्जी रिपोर्ट होती है, उन्हें पता होता है कि उनका आने वाला समय कैसा है। यही नही एनर्जी के उपाय करके वे उसे आसानी से बदल भी सकते हैं।

कैसे समाधान हैं इसमें… इसमें तीन तरीके के समाधान हैं।

1- एनर्जी साइंस के उपचार। इनमें शक्तिपात करके उर्जा चक्रों व आभामंडल की साफ सफाई करने और उनसे काम लेने की विधियां बताई गई हैं। उदाहरण के लिये एक उपाय- शक्तिपात करके ब्रह्मांडीय उर्जा से स्नान करना। इससे ग्रह- नक्षत्र वास्तुदोष- तंत्र ऊपरी बाधा और बीमारियों की दूषित उर्जायें खत्म हो जाती हैं। इसे कोई भी सरलता से कर सकता है। इसमें 10 मनिट का समय लगता है।

2- स्पि्रचुअल साइंस के उपचार। इनमें अपनी उर्जा को ठीक करने के लिये अध्यात्मिक विज्ञान के घरेलु उपाय भी दिये हैं। इन्हें घरेलू कामकाज की तरह कोई भी आसानी से अपना सकता है। उदाहरण के लिये शिवलिंग पर चीनी मिलाकर जल चढ़ाना। इससे धन प्राप्त होने की राह में आने वाली दूषित उर्जायें हट जाती हैं।

3. वैदिक उपचार। इसमें एनर्जी गुरु जी के मार्गदर्शन में महासाधना करके खुद को सक्षम बनाते हैं।

क्या एनर्जी के उपाय वाकई  काम करते हैं… हां. उर्जा के उपाय युगों युगों से काम करते आ रहे हैं। हम पहले जान चुके हैं कि उर्जा चक्र व आभामंडल को साफ रखा जायें। उनसे काम लिया जाये। तो वे सक्रिय व जाग्रत होकर मजबूत हो जाते हैं। जब ये मजबूत होते हैं, तब दूषित उर्जायें हम पर हावी नहीं हो पातीं। हमने पहले ये भी जाना कि दूषित उर्जायें ही हमारी उर्जा को बिगाड़ती हैं। और सिर्फ इसी कारण से काया माया की सभी समस्यायें पैदा होती हैं। उर्जा चक्रों व आभामंडल की सफाई और उनसे काम लेने के कारण हमारी उर्जायें दूषित उर्जा से मुक्त होकर मजबूत हो जाती हैं। जिससे समस्यायें समाप्त होती हैं।

 क्या सबकी एनर्जी रिपोर्ट एक जैसी होती है… नही. सबकी एनर्जी अलग होती है। इसलिए पर्सनल एनर्जी डिकोड करके बनी सबकी एनर्जी रिपोर्ट भी अलग-अलग होती है।

 क्या एनर्जी रिपोर्ट ज्योतिष की कुण्डली है… नही. ये व्यक्तिगत उर्जा की जानकारी का संग्रह है। जो हमेशा सटीक जानकारी देती है। जन्म का विवरण सही न हो तो कुण्डली की जानकारी भी सही नही होती। लेकिन लोगों की उर्जा हर पल उनके साथ होती है। इसलिये उसे डिकोड करके बनी एनर्जी रिपोर्ट में हमेशा सटीक जानकारी सामने आती है।

 क्या एनर्जी रिपोर्ट से भविष्य भी जान सकते हैं… हां. जब जैसी एनर्जी होती है, तब वैसी ही घटनायें घटती है। एनर्जी रिपोर्ट में लोगों की भविष्य की उर्जा को डिकोड किया जाता है। जिससे पता चल जाता है कि कब क्या होने वाला है। उदाहरण के लिए जिनके पास एनर्जी रिपोर्ट होती है. उन्हें पता होता है कि उनका आने वाला समय कैसा है। यही नही एनर्जी के उपाय करके वे उसे आसानी से बदल भी सकते हैं।

क्या एनर्जी के उपायों से बीमारियां  ठीक हो सकती हैं.. हां. सभी बीमारियां उर्जा दूषित होने के ही कारण होती है। सो इससे न सिर्फ बीमारियों को ठीक किया जा सकता है. बल्कि उन्हें आने से भी रोका जा सकता है। उदाहरण के लिये किसी व्यक्ति का बी।पी। गड़बड़ा रहा हो तो उसकी नाभि के पीछे स्थित मैंगमेन चक्र को साफ करके संतुलित कर दें। बिना दवा खाये उसी समय कुछ मिनटों के भीतर बी.पी. ठीक हो जाएगा।

 क्या एनर्जी  के उपायों से फाइनेंस सुधारा जा सकता है… हां. जब किसी व्यक्ति का मूलाधार व आज्ञा चक्र गड़बड़ होता है- तभी उस पर फाइनेशयल प्राब्लम आती है। भले ही ये चक्र ग्रहों- वास्तु या ऊपरी बाधा के कारण बिगड़े हों। एनर्जी के उपायों से इन्हें ठीक करते ही राहत मिल जाती है।

 क्या एनर्जी के उपायों से रिश्ते सुधारे सकते हैं… हां. एनर्जी खराब होने से मन खराब हो जाता है। जिसके कारण वाद-विवाद- कलह पैदा होती है। इसके लिये भावना के केंद्र मणिपुर चक्र की बड़ी भूमिका होती है। भले ही ये चक्र ग्रहों- वास्तु या ऊपरी बाधा के कारण बिगड़े। बिगड़ने पर यह मन में गुस्सा और शक पैदा करता है। उदाहरण के लिये कोई व्यक्ति गुस्से से बेकाबू हो रहा हो- तो उसके मणिपुर चक्र को साफ करके छोटा कर दें। कुछ मिनटों में ही उसका गुस्सा शांत हो जाएगा।

 क्या एनर्जी  के उपायों से तनाव दूर हो सकता है…  हां. बिल्कुल। मणिपुर व आज्ञा चक्र के बिगड़ने पर तनाव व नकारात्मक विचार परेशान करते हैं। भले ही ये चक्र गुस्सा- ग्रहों- वास्तु या ऊपरी बाधा के कारण बिगड़े हों। इनके ठीक होते ही तनाव खत्म हो जात है। उदाहरण के लिये यदि कोई कर्ज के तनाव से व्याकुल हो रहा हो। तो उसके मणिपुर- आज्ञा चक्र- अनाहत- मूलाधार को ठीक कर दें। कुछ ही समय में उसका कांफीडेंस लौटने लगेगा। दिमाग सही दिशा में चलने लगेगा। और वह तनाव मुक्त होकर कर्ज मुक्ति के लिये सही दिशा की तरफ बढ़ जाएगा।

 क्या एनर्जी  के उपायों से ग्रह दोष भी ठीक हो सकते हैं… हां. बिल्कुल। कोई ग्रह किसी के लिये भला या बुरा नही होता। सभी ग्रहों से सबके लिये एक जैसी उर्जायें ही आती हैं। ऊपर से आकर लोगों की उर्जा में मिलने के बाद ही उनके प्रभाव बदलते हैं। इसलिये एनर्जी के उपायों से अपनी उजायें ठीक करके- ग्रहों के प्रभाव लाभदायक बना लिये जाते हैं। उदाहरण के लिये आसमान में मौजूद सूर्य भी एक ग्रह है। ग्रहों की उर्जा की तरह ही उसकी धूप सड़क पर चल रहे सभी लोगों पर एक समान आती है। उसका प्रभाव पैदल वाले पर अलग होगा और कार में बैठे व्यक्ति पर अलग होगा। यदि कार वाला व्यक्ति कार से निकल कर सड़क पर आ जाये तो उस पर धूप का असर तुरंत बिगड़ जाएगा। और यदि पैदल जा रहा व्यक्ति छाता लगाकर चलने लगे- तो उस पर धूप का खराब असर तत्काल बदल जाएगा। इसी तरह अपनी उर्जाको साफ व सुरक्षित करके ग्रहों के असर बदल लिये जाते हैं।

 क्या एनर्जी  के उपायों से वास्तु दोष से भी बच सकते हैं… हां. वास्तु दोष का मतलब होता है- रहने या काम करने की जगह में दूषित उर्जा की मिलावट होना। जिसके कारण हर समय हमारी उर्जा दूषित होकर परेशानी का सामना करती है। भले ही वास्तु दोष किसी भी तरह का हो- उसका दुष्प्रभाव हमारी उर्जा पर ही होता है। उसी से तरह तरह की रुकावटें व बीमारियां पैदा होती हैं। एनर्जी के उपायों से खुद की उर्जायें साफ करने और वास्तु दोष से प्रभावित जगह की उर्जायें साफ करते रहने से दोष के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते हैं। उदाहरण के लिये यदि किसी की दुकान में वास्तु दोष के कारण बरक्कत न हो रही हो। वो शक्तिपात करके ब्रह्मांडीय उर्जा स्नान करे। हरी उर्जा की दीवार बनाकर दुकान की उर्जा की सफाई करें। तो जल्दी ही स्थितियां बदल जाएगी और उन्नति होने लगेगी।

 क्या एनर्जी  के उपायों से कालसर्प व मंगल दोष भी ठीक हो सकते हैं… हां. बिल्कुल। ये दोष पैदाइशी उर्जा के विकार हैं। इनका मुख्य कारण डी-एन-ए- की उर्जा में असंतुलन होता है। ज्योतिष की भाषा में इसी तरह पितृ दोष- पूर्व जन्मों के कर्मो के दोष सहित कुंडली के विभिन्न ऋणों का नाम लिया जाता है। किसी व्यक्ति को कालसर्प दोष होने का मतलब है, उसके आभामंडल का असंतुलित होना। उसका आभामंडल 180 डिग्री पर दो हिस्सों बटा सा होता है। एक तरफ भारी व दूसरी तरफ हल्का होता है। जिसके कारण उसकी उर्जायें असंतुलित होकर जीवन में अस्थिरता पैदा करती हैं। बार बार नाकामी या उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। किसी व्यक्ति को मंगल दोष का मतलब होता है उसके आभामंडल में लाल उर्जा का असंतुलित जमाव होना। या लाल उर्जा में स्मोकी उर्जा की भारी मिलावट होना। ऐसे लोग अचानक उत्तेजक होकर असहनीय गुस्से के शिकार होते रहते हैं। क्षणिक उत्तेजना में वे निकट के लोगों खासतौर से जीवन साथी की भावना की परवाह न करने के कारण एकतरफा फैसलों के शिकार हो जाते हैं।

इस तरह के दोषों की दूषित उर्जा से बचने के लिये औरिक अनुष्ठान करके अपनी उर्जा को साफ व संतुलित किया जाता है। फिर ये दोष नुकसान नहीं पहुंचा पाते। डी.एन.ए. की एनर्जी को ठीक करने के लिये पितृों के मोक्ष का औरिक अनुष्ठान करने से तुरंत राहत मिलती है।

 क्या एनर्जी के उपायों से पितृ दोष भी ठीक हो सकते हैं… हां बिल्कुल। कालसर्पदोष- मंगल दोष की तरह पितृ दोष भी पैदाइशी उर्जा का विकार है। इसकी उर्जायें हर पल हमारी उर्जा को दूषित करती रहती हैं। जिसका परिणाम बार बार सुख भंग के रूप में दिखता है। हमारी उर्जा में घुसा ये प्रदूषण शादी संतान शांति और सुखों में रुकावट के रूप में परेशान करता है। शक्तिपात करके ब्रह्मांडीय उर्जा स्नान के साथ औरिक अनुष्ठान करते रहने से इन दोषों के कारण खराब हुई हमारी उर्जायें सुधर जाती हैं। तब जीवन में सुख स्थापित हो ही जाते हैं।

 क्या एनर्जी  के उपायों से ऊपरी बाधा के दोष भी ठीक हो सकते हैं… हां- बिल्कुल मुक्त हो सकते हैं इन परेशानियों से। बल्कि कहा जाये तो ऊपरी बाधा के लिये उर्जा के उपायों से ज्यादा प्रभावशाली और कुछ भी नहीं। ऊपरी बाधा का मतलब होता है हमारी उर्जा में ऐसी अवांछित उर्जा की घुसपैठ हो जाना- जिनके इरादे ठीक न हो। वे बेतुकी गतिविधियां कराती रहती हैं।

जैसे अकारण डर लगना- बेवजह बीमार रहना- अनजानी आवाजें सुनाई पड़ना- अनजाने लोग या दृष्य दिखाई देना- हर बात पर शक करना- नकारात्मक बातें करना- मर जाने के बारे में सोचना आदि। तांत्रिक उन्हें काला जादू या भूत प्रेत का नाम देते हैं। ये घुसपैठी उर्जायें अक्सर पीडि़त लोगों के उर्जा चक्रों में छेद करके उनके भीतर घुस जाती हैं। ऐसी दशा में उन्हें झाड़ फूंक से हटाया नहीं जा सकता। तांत्रिकों द्वारा मंत्रों जाप की उर्जा का दबाव बनाये जाने पर कुछ समय के लिये हट जाती हैं। तब पीडि़त व्यक्ति को कुछ समय की राहत मिल जाती है। मगर उर्जा चक्रों के छेदों में अपना घर बना लेने  के कारण घुसपैठी उर्जायें दोबारा लौट कर परेशान करने लगती हैं।

ऐसे में पीडि़त लोग सालों झाड़ फूंक बड़ी से बड़ी पूजा पाठ के बावजूद ठीक नही हो पाते। सालों साल खाते रहने के बावजूद मनो रोग की दवायें भी इन्हें ठीक नही कर पातीं।  इलेक्ट्रिक वायलेट उर्जा का शक्तिपात इन घुसपैठियों को जलाकर भस्म कर देता है। एनर्जी रिपोर्ट के उपाय से इसका उपयोग करके आभामंडल व प्रभावित चक्रों की सफाई की जाये। फिर चक्रों के छेदों को भर दिया जाये तो पीडि़त लोग हमेशा के लिये ठीक हो जाते हैं।

एनर्जी रिपोर्ट कैसे बनवायें… इसके लिये एनर्जी रिपोर्ट के हेल्पलाइन न- 9250300800 पर काल करके जानकारी नोट करा दें। रिपोर्ट बनकर घर पहुंच जाएगी।

एनर्जी रिपोर्ट का अंशदान क्या है... आपकी एनर्जी डिकोड करके रिपोर्ट बनाने और आप तक पहुंचाने का अंशदान 5100 है। इसे नीचे दिये लिंक को क्लिक करके आनलाइन भी दे सकते हैं।

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