Maha Sadhana


महासाधनाः सुखी जीवन की आसान राह, घर बैठे करें महासाधना.


जिनके पूजा पाठEnergy Sadhana बिगड़ गये है. जिनके उपाय काम नही कर रहे. जिनको दवायें नही लग रहीं.जिनके काम होते होते रह जाते हैं. जिनके संबंध बिखर रहे हैं. जो आर्थिक दबाव में हैं. जिन्हें अपने काम का क्रेडिट नही रहा. जिन्हें सम्मान
नही रहा. जिनकी उन्नति रूक गयी है. 
वे जान लें कि उनकी आंतरिक शक्तियां काम नही कर पा रहीं. क्योंकि उनकी उर्जा बिगड़ रही है. इसे तुरंत ठीक करें.  इसके लिये महासाधना करें. जब एक ही समय एक ही मंत्र का जाप करके एक हजार से अधिक लोग साधना कर रहे होतें हैं, तो उसके परिणाम गुणित होकर लाख गुना बढ़ जाते हैं। इसे ही महासाधना कहा जाता है। इसे कोई भी कहीं भी कर सकता है. इसे घर बैठे ही किया जा सकता है. महासाधना भोग और मोक्ष की सरल राह है।
महासाधना का माध्यम- कुंडली जागरण रुद्राक्ष
महासाधना की सामग्री- कोई सामग्री नहीं लगती
महासाधना का खर्च- कोई खर्च नहीं
महासाधना की अवधि- हर दिन 10 मिनट, सुबह 7 बजे या रात में 10 बजे.


महासाधना के लाभ हैं…. महासाधना के दौरान गुरु जी साधकों को गले में पहने कुंडली जागरण रुद्राक्ष के माध्यम से अपनी उर्जा के साथ जोड़ लेते हैं। फिर उनके सूक्ष्म शरीर, उर्जा चक्रों को साफ व संतुलित करते हैं। साथ ही उनके उर्जा चक्रों को जाग्रत करते हैं। कुंडली व सौभग्य चक्र को विशेष रूप से जाग्रत करते हैं। इससे साधक के भीतर समस्याआें से मुक्त होने की क्षमतायें जाग उठती हैं। सुख-समृद्धी की शक्तियां जाग जाती हैं। अध्यात्मिक क्षमतायें जाग जाती हैं। साधक के भीतर का शिव तत्व जाग जाता है। सीधे कहें तो साधकों के भीतर शिव जाग जाते हैं। उनकी शक्तियां जाग जाती हैं। तब साधक दूसरों को भी दुखों से मुक्त करने की क्षमता का उपयोग करने में सक्षम हो जाते है।
महासाधना की विधि…

इस विधि से आप घर बैठे ही महासाधना कर सकते हैं। कुंडली जागरण रुद्राक्ष को गले में धारण करके 10 मिनट सुबह 7 से 7.10 बजे तक. या 10 मिनट रात में 10 से 10.10 बजे तक साधना के लिये बैठें। महासाधना में एनर्जी गुरु जी कुंडली जागरण रुद्राक्ष को माध्यम बनाकर शक्तिपात करके साधकों की उर्जाआें को साफ व संतुलित करते हैं। जिससे साधकों की कुंडली सहित दूसरी आंतरिक शक्तियों का जागरण होता है। सुखी जीवन की स्थापना होती है। शुरू करने के २ हफ्तों के भीतर ही चेहरे की चमक बढ़ने लगती है। महासाधना शुरू करने से पहले कम से कम ५ मिनट तक योग या एक्सरसाइज करें। फिर साफ सुथरी जगह पर बैठ जायें। किसी कारण से आसन पर न बैठ सकें तो कुर्सी या सोफे पर बैठ सकते हैं। मगर सोने वाले बिस्तर पर न बैठें। भगवान शिव को और शिव शिष्य एनर्जी गुरू डा. राकेश आचार्या का ध्यान करें। भगवान शिव से प्रार्थना पूर्वक संकल्प लें। मन ही मन कहें हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं, मुझ शिष्य पर दया करें। आपको साक्षी बनाकर मै एनर्जी गुरु जी द्वारा करायी जा रही महासाधना में शामिल हो रहा हूं। इसे स्वीकार करें और साकार करें। 16 बार लम्बी और गहरी सांसे लेकर मंत्र जाप शुरू कर दें।

महासाधना के मंत्र….इसके लिये दो मंत्र हैं। उनका जाप 10 मिनट बिना माला का उपयोग किये करें। जाप के समय आंखें बंद रखें।

Odd Date 1,3,5,7,9,11…….का मंत्र . ऊं ह्रौं जूं सः माम् पालय पालय सः जूं ह्रौं ऊं . महासाधना में इस मंत्र के उपयोग से बीमारियों, विवादों, रुकावटों को खत्म करने वाली उर्जाआें का संचार किया जाता है। जिससे कुंडली सहित आत्म शक्तियों का जागरण भी होता है।

Even Date 2,4,6,8,10,12…..का मंत्र . ऊं शं शंकराय धनम् देहि देहि ऊं. महासाधना में इस मंत्र के उपयोग से धन-समृद्धी, आत्मबल व सम्मान को बढाने वाली उर्जाआें का संचार किया जाता है।

मंत्र जाप के बाद भगवान शिव और एनर्जी गुरु राकेश आचार्या को दक्षिणा के रूप में धन्यवाद दें। फिर धरती मां को प्रणाम व धन्यवाद करके उठ जायें। ५ मिनट का योग या एक्सरसाइज दोबारा करें। जो लोग किसी वजह से महासाधना से पहले और बाद में एक्सरसाइज नही कर सकते। वे पहले और बाद में 5- 5 मिनट हाथों की मुट्ठियाँ भींचकर जोर जोर से ऊपर उठाते हुए तेज आवाज में हर हर महादेव बोलें। ध्यान रखें हर हर महादेव बोलते हुए मन में किसी तरह की झिझक या शर्म के भाव नही होने चाहिए।

क्या महासाधना में कोई भी बैठ सकता है... हां, जिनके पास गले में धारण करने वाला कुंडली जागण रुद्राक्ष है वे सभी लोग महासाधना में बैठ सकते हैं। चाहे उनकी एनर्जी रिपोर्ट बनी हो या न बनी हो।

क्या महासाधना के लिये गुरु जी के पास आना जरूरी है… नहीं। साधना करने वाले लोग गले में कुंडली जागरण रुद्राक्ष पहनकर अपने घर, प्रतिष्ठान, किसी पार्क या अन्य शांत जगह बैठ जाते हैं। कुंडली जागरण रुद्राक्ष के माध्यम से एनर्जी गुरु जी उन्हें अपने साथ जोड़कर उन पर शक्तिपात करते हैं।

महासाधना कब से शुरू करें… महासाधना रोज होती है। इसे कभी भी शुरु कर सकते हैं। अपने सुखों के लिये हमेशा करें।

क्या महासाधना के समय कोई परहेज करना होगा… इसमें कोई खास परहेज नहीं है। डाक्टर जिसकी इजाजत दें, वो सब कुछ खा पी सकते हैं। शानदार नतीजों के लिये गुस्से से बचें। और किसी की आलोचना न करें। महिलायें पीरियड के दिनों में महासाधना न करें।

किसी भी अन्य जानकारी के लिये हमारे संस्थान में सम्पर्क कर लें. सम्पर्क- 9999945010 या 9250300800.
आपका जीवन सुखी हो, बस यही हमारी कामना है… टीम मृत्युंजय योग. 

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