मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष: दिव्य संजीवनी विद्या का अचूक माध्यम

1587495542499युगों से मन्त्र संजीवनी अचूक है। उसके प्रभाव अचूक हैं। सही तकनीक अपनायें तो मन्त्र संजीवनी उपचारक दूसरों के भी जीवन से समस्याओं को तिनके की तरह उड़ा देने में सक्षम बन जाते हैं। मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष इस महाविद्या का अचूक माध्यम है।


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मन्त्र संजीवनी किसके लिये है?
मन्त्र संजीवनी पर सबका अधिकार है। इसे अमीर-गरीब, स्वस्थ-बीमार, सुखी-दुखी सभी अपना सकते हैं। जिनके पूजा-पाठ, उपाय, कामकाज फलित नही होते उन्हें इसे जरूर अपनाना चाहिये। ताकि अपनी योग्यताओं, क्षमताओं और भाग्य का पूरा फल पा सकें। साथ ही दूसरों के जीवन में भी सुख स्थापित कर सकें।
मन्त्र संजीवनी क्या है?
यह आभामंडल और ऊर्जा चक्रों को उपचारित करके अपनी व दूसरों की शक्तियों को जगाने की ऋषि विद्या है। जिसमें लोक परलोक सुधारने की क्षमता है।
मन्त्र संजीवनी में क्या किया जाता है?
इसमें दो कार्य किये जाते हैं।
1- इसके द्वारा समस्याओं के लिए जिम्मेदार आभामंडल और ऊर्जा चक्रों की औरिक सफाई की जाती है। जिससे ग्रह, वास्तु, गुस्सा, तंत्र, बाधा, धनाभाव, बीमारियों, विघटन, विवाद, घाटा, नुकसान, असफलता, अपयश, बंधन, बेरोजगारी, बेचैनी उत्पन्न करने वाली दूषित ऊर्जाएं निकल जाती हैं।
2- इस विद्या में मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष के माध्यम से उर्जा चक्रों और कुंडलिनी पर मंत्रों की शक्ति का सिंचन किया जाता है। जिससे वे सक्रिय होकर जाग्रत होते हैं। सक्रिय उर्जा चक्र तन, मन, धन की सफलताएं सुनिश्चित करते हैं। जाग्रत उर्जा चक्र सिद्धियां के लिये सक्षम होते हैं। जाग्रत कुंडलिनी सौभाग्य का जागरण करती है।
मन्त्र शक्ति के सिंचन को ऐसे समझें जैसे पौधों में पानी डालना।
मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष की जरूरत क्यों?
जब किसी समस्याग्रस्त व्यक्ति की ऊर्जाओं की सफाई की जाती है तो उसके भीतर मौजूद परेशानियों वाली नकारात्मक ऊर्जाएं उपचार करने वाले पर हमला करती हैं। खासतौर से बीमारियों और बाधाओं की ऊर्जाएं अधिक हमलावर होती हैं। यही कारण है कि जब किसी बीमार या परेशान व्यक्ति के पास रुको तो कुछ देर बाद असुविधा या अनमनापन उत्पन्न होने लगता है।
कई तरह की विधियों से हीलिंग करने वाले हीलर, झाड़ फूँक करने वाले तांत्रिक, पूजा पाठ कराने वाले कर्मकांडी पंडित और उनके परिवारजन अक्सर परेशानियों में घिर जाते हैं। क्योंकि उन पर नकारात्मक ऊर्जाओं के हमले होते रहते हैं। वे उनसे बचना नही जानते। ऐसे में वे दूसरों को तो लाभ पहुंचा देते हैं, किंतु खुद अक्सर परेशान रहते हैं।
मन्त्र संजीवनी उपचारकों पर भी ऐसे हमले होते हैं। किंतु उन पर इन हमलों का असर नही होता। इस विद्या में मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष का उपयोग किया जाता है। यह रुद्राक्ष ऐसे सभी घातक हमलों को अपने ऊपर लेकर उन्हें निष्क्रिय कर देता है।
साथ ही यह रुद्राक्ष ब्रह्मांड में मंत्रों के सोर्स के साथ जुड़ जाता है। वहां से मंत्रों की शक्ति को लेकर वांछित उर्जा चक्रों पर डालता है। इसे ऐसे समझें जैसे किसी नल से पाइप जोड़कर उसके जरिये पौधों में पानी डालना।
मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष कैसे काम करता है?
सिद्ध करके मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष को उपचारक की एनर्जी से कनेक्ट किया जाता है।
1-यह जिनके साथ कनेक्ट होता है उनका औरिक सुरक्षा कवच स्वतः निर्मित करता रहता है। उन्हें सभी तरह के औरिक और साइकिक हमलों से बचाता है।
2- प्रोग्रामिंग करके उपचारक के साथ रुद्राक्ष की टेलीपैथी सम्पन्न होती है। तब रुद्राक्ष उपचारक के हर कमांड को स्वीकार करता है। उपचारक के निर्देश पर यह रुद्राक्ष आभामंडल और ऊर्जा चक्रों की औरिक सफाई सम्पन्न करता है।
3- उपचारक के कमांड पर मन्त्र की शक्ति को ब्रह्मांड से ग्रहण करके इच्छित उर्जा चक्रों को उससे सिंचित करता है।
मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष सिद्धि की विधि क्या है?
विधि…
कोई भी स्वस्थ नेचुरल रुद्राक्ष लें।
टेलीपैथी करके उसे अपनी ऊर्जाओं से कनेक्ट करें।
रुद्राक्ष पर उन सभी मंत्रों को 10-10 हजार जप अलग अलग करें। जिनकी मन्त्र शक्ति का भविष्य में सिंचन हेतु उपयोग करना चाहते हैं।
जप पूरे होने के बाद रुद्राक्ष को मन्त्र सम्बद्ध करके सभी जपे गए मंत्रों का दशांश यज्ञ करें।
जब मन्त्र शक्ति ग्रहण करने में सक्षम हो जाये तब रुद्राक्ष का परीक्षण करें। परीक्षण सफल होने पर उसे अपनी सुरक्षा का दायित्व सौंपें। जिसके मुताबिक रुद्राक्ष हर 6 घण्टे में स्वतः आपका सुरक्षा कवच निर्मित करता रहे। सुरक्षा सुनिश्चित होने पर रुद्राक्ष को अपने कमांड स्वीकारने के लिये प्रोग्राम करें।
यह रुद्राक्ष बहुत ही संवेदनशील जिम्मेदारियों वाला होता है। इसलिये इसकी सिद्धि में अत्यधिक सावधानी की जरूरत होती है। जरा सी भी चूक इसकी सिद्धि को विफल कर देती है। ऐसे में वह साधारण रुद्राक्ष की तरह काम करेगा। जो उपचारक की सुरक्षा, औरिक सफाई और मन्त्र शक्ति सिंचन नही कर सकता। इसलिये इसकी सिद्धि में सभी नियमों का अक्षरशः पालन करें।
क्या दूसरों के लिये रुद्राक्ष सिद्ध कर सकते हैं?
ऐसा न करें। क्योंकि इसके लिये बहुत संसाधनों की जरूरत होती है। ऐसा करना लंबे खर्च का कारण बन सकता है। जरूरत हो तो सिर्फ अपना रुद्राक्ष हो सिद्ध करें।
रुद्राक्ष सिद्ध करने पर कितना खर्च आता है?
इसके लिये सिंचित किये जाने वाले सभी मंत्रों का जप व यज्ञ अलग अलग करना होता है। यज्ञ सामग्री में उपयोग होने वाली कुछ संविधा बहुत मंहगी होती हैं। इस कारण सिद्धि अनुष्ठान पर 40 से 50 हजार का खर्च अनुमानित होता है।
किंतु यदि किसी के पास वांछित यज्ञ सामग्री उपलब्ध हो तो कोई खास खर्च नही आता।
मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष का उपयोग कैसे करें?
इसके उपयोग की विधि मन्त्र संजीवनी उपचार की ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लास में सिखाया जाएगा।
क्या मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य में कर सकते हैं?
नही। इसका उपयोग सिर्फ अपनी सुरक्षा और अपना व दूसरों का मन्त्र संजीवनी उपचार करने में ही किया जा सकता है।
क्या मन्त्र संजीवनी में कोई अन्य रुद्राक्ष यूज कर सकते हैं?
नही। यह सुरक्षित नही होगा। यहां तक कि महासंजीवनी रुद्राक्ष या संजीवनी रुद्राक्ष भी इसके लिये यूज न करें। उनकी सिद्धि व प्रोग्रामिंग अलग तरीके की है।
जिनके पास मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष नही है, वे क्या करें?
खुद सिद्ध करें या किसी विश्वसनीय जगह से सिद्ध करा लें। उसके बाद ही मन्त्र संजीवनी अपनाएं।
मन्त्र संजीवनी उपचार का पहला ऑनलाइन बैच आरम्भ होने जा रहा है। यदि आपके पास मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष है या आप भविष्य में इसे प्राप्त कर सकते हैं तो आपको इनमें निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।
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