लक्ष्मी साधना का विधान

Lakshmi 800.jpg

25 अक्टूबर 2018
सभी अपनों को राम राम
दीपावली की रात लक्ष्मी साधना का विधान….
मंत्र- जय माँ लक्ष्मी

1. दीपावली पूजन के बाद रात्रि में स्नान करके साफ सुथरे स्थान पर उत्तर मुख होकर आराम से बैठ जायें. भगवान गणेश का स्मरण करें. सामने लाल वस्त्र बिछा लें. उस पर सिद्ध लक्ष्मी-कुबेर यंत्र स्थापित करें. सरसों के तेल का दीपक जला लें. उसमें थोड़ा कपूर चूरा करके डाल लें. धूप आदि की सुगंध कर लें. फूल चढ़ायें. भोग अर्पित करें. पश्चात इलाइची अर्पित करें.

2. अपने आभामंडल और उर्जा चक्रों को साधना सिद्धी के लिये तैयार करें. कहें- मेरे दिव्य आभामंडल, उर्जा चक्रों और कुंडलिनी आप सब ब्रह्मांड में संजीवनी शक्ति के स्रोत के साथ जुड़ जायें. वहां से दैवीय उर्जाओं को ग्रहण करके खुद को उपचारित करें. स्वस्थ होकर साधना सिद्धी हेतु सक्षम बनें. मुझे सिद्ध साधक की क्षमतायें प्रदान करें. आपका धन्यवाद.
उसके बाद 5 बार गायत्री मंत्र का जप करते हुए 10 बार प्राणायाम करें.

3. दिव्य संजीवनी शक्ति से शक्तिपात का आग्रह करें. कहें- हे दिव्य संजीवनी शक्ति मुझ पर दैवीय उर्जाओं का शक्तिपात करके मेरे तन मन मस्तिष्क आभामंडल उर्जा चक्र और कुंडलिनी का जागरण करें. मुझे साधना सिद्धी हेतु सक्षम बनायें. आपका धन्यवाद.
उसके बाद 5 मिनट ऊं. ह्रौं.जूं. सः मंत्र का जप करते हुए प्राणायाम करें.

4. शिवगुरू से साक्षी बनने का आग्रह करें. कहें- देवों के देव महादेव मेरे मन कोे सुखमय शिवाश्रम बनाकर इसमें सपरिवार विराजमान हों. आपको साक्षी बनाकर मै लक्ष्मी साधना सिद्ध कर रहा हूं. साधना सिद्धी हेतु मुझे दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करें.
फिर 3 बार कहें- हे शिव आप मेरे गुरू हैं मै आपका शिष्य हूं मुझ शिष्य पर दया करें. आपको साक्षी बनाकर लक्ष्मी  साधना कर रहा हूं. आप मुझे लक्ष्मी सिद्धि प्रदान करे. आपका धन्यवाद.

5. माँ लक्ष्मी से समृद्धि का आग्रह करें. कहें- हे माँ लक्ष्मी मेरे मन मंदिर में विराजमान होकर मेरे द्वारा किये जा रहे साधना मंत्र जप को स्वीकार करें साकार करें. आपका धन्यवाद.

6. यंत्र से सिद्धी का आग्रह करें. कहें- हे दिव्य लक्ष्मी-कुबेर यंत्र आपको मेरे लिये सिद्ध किया गया है. आप मेरी भावनाओं से जुड़कर मुझे माँ लक्ष्मी की समृद्धिदायी उर्जाओं के साथ जोड़ें रखें. लक्ष्मी सिद्धी प्राप्त करने में मेरी सहायता करें.

7. मंत्र से आग्रह करें. कहें- हे दिव्य लक्ष्मी मंत्र जय माँ लक्ष्मी आप मेरी भावनाओं से जुड़कर अपने बीज मंत्रों को मेरे रोम रोम में स्थापित करें और मेरे लिये सिद्ध हो जायें. ब्रह्मांड से माँ लक्ष्मी की समृद्धिदायी उर्जाओं से मुझे अच्छादित करें. और लक्ष्मी सिद्धी प्रदान करें. आपका धन्यवाद.

8. उसके पश्चात् मंत्र का 2 घंटे लगातार जप करें.
यदि बीच में लघुशंका या दीर्घशंका के लिये उठना पड़े तो स्नान करके दोबारा बैठें.
श्रद्धा विश्वास को बनायें रखें. जीवन में समृद्धि व्याप्त होने का प्रशन्नता पूर्वक इंतजार करें.

सबका जीवन सुखी हो यही हमारी कामना है.
शिव शरणं

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s