देवत्व साधनाः लाखों में एक पहचान

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राम राम मै शिवप्रिया
देवत्व प्राप्ति का लक्ष्य युगों युगों से चला आ रहा है. धरती पर सिर्फ इंशान को ही इसका अधिकार मिला है. 
मुझे भी, आपको भी. 
मै इस अवसर को पाकर बहुत उत्साहित हूं.
देवत्व साधना कौन करे…
1. जो परमार्थ चाहते हैं
2. जो पुरुषार्थ चाहते हैं
3. जो प्रखर व्यक्तित्व चाहते हैं
4. जो अटल अस्तित्व चाहते हैं
5. जो जीवन के बाद भी पहचान चाहते हैं
6. जो लोक परलोक में मनचाहा स्थान चाहते हैं.
……
देवत्व साधना कौम नही कर सकता……
1. जो अभिमान नही छोड़ना चाहता
2. जो खुद पर भी विश्वास नही करता
3. जो देव सत्ता को नही जानना चाहता
4. जो खुद को तुक्ष प्राणी मात्र मानता है
5. जिसका स्वार्थ परमार्थ पर भारी है
6. जो जीवन को सिर्फ कमाने खाने का सबब मानता है
…….
देवत्व साधना का उद्देश्य…
अपने भीतर की शक्तियों को जगाकर उन्हें देवत्व में परिवर्तित करना. ताकि जरूरत पड़ने पर हजारों, लाखों लोगों की तन-मन-धन से सेवा व सहायता करने योग्य क्षमतावान बन सकें
…..
देवत्व साधना के गुरू….
भगवान शिव
…..
इस देवत्व साधना के मार्गदर्शक….
उर्जा नायक श्री राकेश आचार्या जी
…..
देवत्व साधना का मुहूर्त…
होली की गोधूली
….
देवत्व साधना की समग्री…
ब्रह्मकमल से सिद्ध देव बूटी
….
देवत्व साधना का परहेज
तर्क निसिद्ध
………
सभी में देवत्व जाग्रत हो, यही गुरू जी की कामना है.

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