संजीवनी समाधानः रहें समस्याओं से मुक्त…3 Thyroid – Hyperthyroidism

थायरॉइड की समस्या से कैसे हों मुक्त ?-2


Hyperthyroidism-1

सभी को राम राम

मैं शिवप्रिया

थाइरोइड हमारे शरीर के एक ग्रंथि (gland) का नाम है. यह ग्रंथि (gland) थाइरोइड हॉर्मोन्स बनाता है. इन हॉर्मोन्स को T3 (triiodothyronine) और T4 (thyroxine) हॉर्मोन कहते हैं. यह ग्रंथि (gland) एक और Calcitonin नामक हॉर्मोन बनाता है.

T3 और T4 हॉर्मोन्स हमारे शरीर की चयापचय क्रिया (metabolism) को नियंत्रित करते हैं.

जब किसी मेडिकल कंडीशन की वजह से थाइरोइड ग्रंथि (gland) T3 और T4 हॉर्मोन्स आवश्यकता से अधिक बनाने लगे , तब शरीर की चयापचय क्रिया (metabolism) आवश्यकता से अधिक तेज हो जाती है. इस कंडीशन को ह्यपेरथयरॉइडिस्म (hyperthyroidism ) कहते हैं.

आम भाषा में इसे वजन कम करने वाली थाइरोइड की प्रॉब्लम कहा जाता है.

बीमारी के लक्षण – COMMON SYMPTOMS

1 ) गर्मी ज्यादा लगना

2 ) पसीना ज्यादा आना 

3 ) बालों का झड़ना 

4 ) कमजोरी 

5 ) हृदय गति तेज होना 

6 ) निन्द्रानाश 

7 ) अकारण वजन कम होना 

8 ) पुरूषों में स्तन वृद्धि images (2)

9 ) हाथों का कापना

10 ) बांझपन (infertility)

11 ) कम मासिक होना 

12 ) खुजली होना 

13 ) नरम नाखून 

14 ) नर्वस होना , एंग्जायटी होना 

ह्यपेरथयरॉइडिस्म (hyperthyroidism ) के लिए संजीवनी उपचार

१. पहले आभा मंडल को साफ़ करें

आभा मंडल को साफ़ करने के लिए संजीवनी रुद्राक्ष की सहायता से जनरल क्लींजिंग करेंगे या महा संजीवनी रुद्राक्ष की विधि आभामंडल साफ़ करेंगे. या ब्रह्मांडीय ऊर्जा से स्नान भी कर सकते है.

२. निम्नलिखित चक्रों को संजीवनी रुद्राक्ष या महा संजीवनी रुद्राक्ष की सहायता से “उपयुक्त ऊर्जा ” से साफ़ करें :

सहस्त्रात्र चक्र

थर्ड आई चक्र

बैक फोरहैड चक्र

आज्ञा चक्र

विशुद्धि चक्र

छोटा विशुद्धि चक्र

अनाहत चक्र

मणिपुर चक्र

स्वादिष्ठान चक्र

मूलाधार चक्र

हाथों और पैरों के चक्र

३. निम्नलिखित चक्रों को संजीवनी रुद्राक्ष या महा संजीवनी रुद्राक्ष की सहायता से “उपयुक्त ऊर्जा ” से उर्जित करें :

सहस्त्रात्र चक्र

बैक फोरहैड चक्र

आज्ञा चक्र

विशुद्धि चक्र

अनाहत चक्र

मणिपुर चक्र

मूलाधार चक्र

हाथों और पैरों के चक्र

जिन लोगों को संजीवनी उपचार की विधि नही आती है या उनके पास संजीवनी रुद्राक्ष नही है वो लोग निम्लिखित टिप्स को फॉलो कर सकतें है. (निम्लिखित सारी टिप्स को क्रम में नियमित फॉलो करने से लाभ मिलेंगे ) :

१. नमक के पानी से स्नान करें .

२. बेलपत्र को 10 मिनट अपलक देखें , उसके बाद शिवलिंग पर चढ़ा दें .

३. शिवलिंग को अपलक 5 -8 मिनट के लिए देखिये.

४.शिवलिंग पर दही चढ़ाएं.

ह्यपेरथयरॉइडिस्म (hyperthyroidism)का आयुर्वेदिक उपचार

1 . अश्वगंधा

200 मिलीग्राम अश्वगंधा चूर्ण को चाय में मिलाकर रोजाना सेवन करें.

2 . गेहूं ज्वर रस

गेहूं और ज्वर के रस का रोज सुबह सेवन करना चाहिए.

3 . अदरक सेवन

अदरक खाने में रोजाना इस्तेमाल करें.

4 . एक्सरसाइज

नियमित रूप से रोज कम से कम आधे घंटे एक्सरसाइज करनी चाहिए. एक्सरसाइज करने से मेटाबोलिज्म तेज हो जाता है.

5 .नारियल पानी

6 .मुलहटी चबाना

मुलहटी सेवन थाइरोइड ग्रंथि की दर्द और सूजन को ठीक करता है. थाइरोइड ग्रंथि को थाइरोइड कैंसर से भी बचाता है.

आपका जीवन सुखी हो यही हमारी कामना है.

खुश रहिये और मुस्कुराते रहिये.

Stay Blessed 🙂

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