जब मैने गुरुदेव से प्रेत देखने की इच्छा जताई…..4

प्रणाम मै शिवांशु

सपना द्वारा अपने भीतर पैदा कर लिये ब्रह्म राक्षस की शक्तियां दिनों दिन बढ़ रही थीं.  गुरुदेव मुझे सपना पर ब्रह्म राक्षस सवार होने की सच्चाई बता रहे थे. उसने सुन रखा था कि मंत्र पढ़कर पानी छिड़कने से भूत भाग जाते हैं. इसी लिये पुजारी द्वारा छिड़के जल से वह कुछ समय के लिये शांत हो जाया करती थी. उसने यह भी सुन रखा था कि मुसलमानी तंत्र ब्रह्म राक्षस को काबू कर लेता है, इसलिये मौलवी जी के ताबीज जलाने से वह कुछ दिनों के लिये शांत हो जाया करती थी.

कुल मिलाकर उसने अपनी अवचेतन शक्ति की जैसी प्रोग्रामिंग की थी, उसका ब्रह्म राक्षस उतनी ही शक्ति का उपयोग कर रहा था. एक दिन उसने एक हाथ से बल्ली हिलाकर कुंतलों भारी छप्पर गिरा दिया था. तभी से सब मानने लगे थे कि उस पर ब्रह्म राक्षस का साया है. सपना ने यह भी सुन रखा था कि कुछ दिनों बाद ब्रह्म राक्षस पर अभिमंत्रित जल का असर होना बंद हो जाता है. इसी कारण आज पुजारी के छिड़के जल से भी वह शांत न हुई. उल्टे और उग्र हो गई थी.

खुद का ब्रह्म राक्षस या भूत बना लेने के पीछ वैज्ञानिक सच्चाई क्या है. मैने पूछा.

कुछ लोग बातों को बहुत गहराई से सोचते हैं. एेसे में उनका अवचेतन मन उनकी सोची बातों को स्वीकार कर लेता है. गुरुवर ब्रह्मांड की एक बड़ी सच्चाई की जानकारी दे रहे थे. उन्होंने बताया अवचेतन मन जबरदस्त शक्तियों का केन्द्र है.

वह जिस बात को स्वीकार कर लेता है उसे साकार कर देता है. व्यक्ति जो सोचता है, उसका अवचेतन मन उन्ही विचारों के मुताबिक अपनी प्रोग्रामिंग कर लेता है. और उसी को करने लगता है. इसके लिये अवचेतन मन अवचेतन शक्ति का उपयोग करता है. जो कि कुछ भी करने में सक्षम होती हैं.

भूत प्रेत को सच मानकर उन्हें अपने जीवन में स्वीकार करने वालों की अवचेतन शक्ति उनके इर्द गिर्द भूत प्रेत की उर्जायें क्रीएट कर देती है. ये उर्जायें उस व्यक्ति की उर्जाओं से कनेक्ट होती हैं. या कहें कि उस व्यक्ति की उर्जाओं में से ही प्रेत की उर्जा क्रीएट होती है, तो ज्यादा सटीक होगा.

इसी कारण एेसे लोगों पर से भूत प्रेत को झाड़ फूंककर नही हटाया जा सकता. क्योंकि वे उसी व्यक्ति की उर्जायें हैं. किसी व्यक्ति की उर्जाओं को उससे अलग नही किया जा सकता. एेसे लोग अपनी उर्जाओं का केन्द्रीकरण करके बहुत ही चकित करने वाले काम कर गुजरते हैं. जैसे किसी व्यक्ति को छिटककर हवा में उछाल देना, दृष्टिपात करके बिना छुवे हुए चीजों को बिखेर देना.

गुरुदेव ने एक उदाहरण देकर बताया. इसी तरह खुद की चुड़ैल उत्पन्न कर लेने वाली एक महिला अपनी सास से चिढ़ती थी. जैसे ही उसकी सास किचन में घुसती तो वह महिला अपनी चुड़ैल से कामना करती कि किचन के बर्तन नीचे गिरा दो. उसी समय अलमीरी के ऊपर रखे बर्तन खड़खड़ करके नीचे गिरने लगते थे. इतना देखकर ससुराल के सभी लोग डर जाते थे. डर के मारे उस महिला की सारी बाते मानते थे.

गुरुवर ने आगे बताया, ठीक कराने के लिये जब उस महिला को मेरे पास लाया गया तो. मैने उससे कहा कि तुम घर के लोगों को बेवकूफ बना रही हो, तुम पर चुड़ैल नही आती. उसने बताया कि उसके सोचने भर से किचन में बर्तन गिरने लगते हैं. इसका मतलब है कि मेरे साथ चुड़ैल रहती है. लेकिन एेसा तभी होता है जब उसकी सास किचन में आती है. जब मैने उससे पूछा कि क्या तुमने कभी सोचा था कि तुम्हारी सास पर बर्तन गिरने लगें. तो उसने बताया हां, एक बार उसकी सास उसे ताने दे रही थी कि तेरी मां ने तुझे खाना बनाना नही सिखाया. तब गुस्से के मारे मेरे मन में आया था कि इसके ऊपर सारे बर्तन गिर जायें. तो बुढ़िया का दिमाग ठीक हो जाये.

उसके कुछ दिनों बाद ही एेसा होना शुरू हुआ.

गुरुदेव के उदारहण से मै खुद का भूत क्रीएट करने की बात को ठीक से समझ पाया.

उन्होंने बताया कि जब मैने सपना पर मणिपुर चक्र से अग्नि चक्र छोड़ें तो उस पर कोई असर नही हुआ. तभी मै समझ गया कि उस पर बाहरी उर्जा का हमला नही है.  ब्रह्म राक्षस उसने खुद क्रीएट कर लिया है. फिर तमाशा देख रही एक बूढ़ी महिला से सपना के प्यार की कहानी का पता चला. वह कह रही थी एेसा नरक भुगतने से अच्छा है रमेश अपनी साली की शादी कल्लू से ही करा दे.

तो फिर आपने सपना को कैसे ठीक किया. मैने गुरुवर से पूछा.

एेसे व्यक्ति को ठीक करने के लिये उसके अवचेतन मन की रिप्रोग्रामिंग करनी होती है. गुरुदेव ने बताया जब मैने सपना का हाथ पकड़ा. तो उसमें उच्च फ्रिक्वेंसी की उर्जा को प्रवाहित करके उसे सम्मोहित किया. उच्च फ्रिक्वेंसी के कारण वह जमीन पर बैठ गई. सम्मोहन के कारण वह मेरी बातें सुनने को तैयार हो गई. मैने उससे कहा कि इस क्षेत्र के कई प्रभावशाली लोग मेरे परिचित हैं, उनकी मदद से मै तुम्हारी शादी कल्लू से करा दूंगा.

इतना सुनकर सपना रोने लगी, बताया कि रमेश की नीयत उस पर खराब है. उससे बचने के लिये ही ब्रह्म राक्षस का सहारा लेना पड़ रहा है. वह कल्लू से शादी नही होने देगा.

मैने कहा तुम चिंता न करो मै उसका दिमाग ठीक कर दूंगा. लेकिन जब तक तुम पर ब्रह्म राक्षस है, तब तक वो किसी से तुम्हारी शादी नही होने देगा.

नही एेसा नही है. सपना ने कहा. ब्रह्म राक्षस तो मै खुद ही बुला लेती हूं. उसका कोई डर नही.

चलते समय मैने सपना के कान में कहा था,

अब कभी भी ब्रह्म राक्षस को मत बुलाना, वर्ना कल्लू से तुम्हारी शादी कभी नही हो जाएगी. वह मेरे सम्मोहन में थी. इसलिये मेरी बात को सच मान लिया. जिससे उसके अवचेतन की रिप्रोग्रामिंग हो गई.

आपने रमेश के कान में क्या कहा था. मैने गुरुदेव से पूछा

उससे कहा था कि तुमने दोबारा सपना पर बुरी नजर डाली तो जेल जाओगे. अगर कल्लू से उसकी शादी में रुकावट डाली तो, सपना तुम्हारी पत्नी को बता देगी कि तुम उसके साथ नाजायज सम्बंध बनाना चाहते थे.

इस पर रमेश ने माफी मांगते हुये, वादा किया था कि वह खुद सपना की शादी कल्लू से करायेगा.

तो क्या भूत प्रेत होते ही नही हैं. मैने गुरुदेव से पूछा.

वे भटकी हुई उर्जायें हैं. मगर रेयर होती हैं. गुरुदेव ने बताया.

मुझे प्रेत देखना है. मैने गुरुदेव से कहा.

उन्होंने मुझे घूरकर देखा. जैसे कह रहे हों तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या.

मै चुपचाप ड्राइव करता रहा.

सत्यम् शिवम् सुंदरम्

शिव गुरु को प्रणाम

गुरुवर को नमन.

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