अवचेतन शक्ति साधना से जगायें अपने भीतर के शिव को

12249794_917652974993126_537491607654763963_n.jpgराम राम मै शिवांशु
अवचेतन शक्ति साधना से अपने भीतर की दैवीय शक्तियां जाग जाती हैं. शिव तत्व जाग जाता है. सीधे कहें तो अपने भीतर के शिव का जागरण हो जाता है. सभी जानते हैं अपने शिव को जागृत करने का मतलब है असीम शक्तियों से सम्पन्न हो जाना. वैसे तो अपने शिवत्व को जगाने में तमाम लोग उम्र लगा देते हैं. मगर उर्जा विज्ञान के सहारे इसे बड़ी सरलता से जगाया जा सकता है.
अगर सही तकनीक का उपयोग किया जाये तो अवचेतन मन का जागरण जटिल नहीं है. हां इसकी पात्रता जरुर थोड़ी मुश्किल है. अवचेतन में समस्त ब्रह्मांड के रहस्यों की जानकारी होती है. यही नहीं उन सभी का उपयोग करने की क्षमता भी इसमें होती है. इसी कारण ये हमारे लिये निजी भगवान की तरह काम करता है. यही हमारे भीतर शिवत्व का केन्द्र है.
हम जिस बात को सही मानते हैं और दोहराते हैं उसे अवचेतन मन स्वीकार कर लेता है और साकार कर देता है.
इससे कोई फर्क नही पड़ता कि वह काम छोटा है या बड़ा. सच्चा है या झूठा. जायज है या नाजायज. भौतिक है या मानसिक. दैवीय है या राक्षसी. इसकी प्रवृत्ति है काम को पूरा करना. इसके लिये अवचेतन मन ब्रह्मांड की सभी शक्तियों को इश्तेमाल करना जानता है. उन्हें कर भी लेता है. ये अच्छे बुरे का भेद नहीं कर पाता. बस सच मानकर सोची गई बातों को पूरा करता रहता है.
ज्यादातर लोग अपनी अवचेतन शक्ति का उपयोग करना नही जानते. जिसके कारण वे अनजाने में अपना अनर्थ करते रहते हैं. उदाहरण के लिये अगर कोई महिला सोचती है कि उसके प्रेमी का चाल चलन संदेह पूर्ण है वो किसी और से भी गहरे सम्पर्क में रहता है. तो बार बार सोचते रहने की वजह से उसकी अवचेतन शक्ति इस बात को स्वीकार कर लेगी. और साकार कर देगी. उसके प्रेमी के समक्ष एेसी स्थितियां उत्पन्न कर देगी, जिससे प्रेमी के कहीं और गहरे सम्पर्क स्थापित हो जायें. इसे रोक पाना लगभग नामुमकिन होगा.
दूसरा उदाहरण यदि कोई व्यक्ति लगातार सोचता है कि उसके कारोबार की स्थिति ठीक नही है. एेसे में वह कर्ज से नही निकल सकता. तो लगातार सोचे जाने के कारण उसका अवचेतन इस बात को स्वीकार कर लेगा. फिर उसके कारोबार की स्थिति बिगाड़ने वाली सारी सम्भावनायें उत्पन्न कर देगा. साथ ही उसे कर्ज से बाहर नहीं निकलने देगा. चाहे कुछ भी उपाय क्यों न कर लिये जायें.
अपनी अवचेतन शक्ति का उपयोग करने की तकनीक जान लेना और उसे अपना लेना ही भीतर के शिवत्व का जागरण हैं. जिसने इसे कर लिया समझो उसने दुनिया जीत ली.
अपनी अवचेतन शक्ति का जागरण करके उससे अपनी मनचाही बातें मनवायी जाती हैं. 5 दिसम्बर को होने जा रही अवचेतन साधना के दौरान गुरुदेव आपको अवचेतन शक्ति की बारीकियों से अवगत करायेंगे. इसे जगाकर कैसे अपनी मनचाही बातें मनवायी जायें, ये सिखायेंगे. और करायेंगे भी.
जिनकी अवचेतन शक्ति जाग्रत होती है उनकी सोची हुई बातें साकार होती चली जाती हैं. चाहे वे अपने बारे में सोचें या दूसरों के बारे में.
गुरुदेव द्वारा कराई जाने वाली अवचेतन साधना अवचेतन शक्ति को जागाने की बहुत ही प्रभावशाली साधना है. इससे कामयाबी मिल ही जाती है. मगर इसके लिये साधकों की पात्रता थोड़ी मुश्किल है. गुरुदेव इस साधना में सिर्फ उन्हीं साधकों को अपने साथ सामिल करेंगे जो उनके परीक्षण पर खरे उतरेंगे.
गुरुवर साधकों का परीक्षण शुरू कर चुके हैं. यदि आप अपनी अवचेतन शक्ति जगाकर अपने भीतर के शिव को जगाना चाहते हैं, तो लेटेस्ट फोटो भेजकर तत्काल अपना परीक्षण करा लें. इसके लिये अरुण जी से 8377919461 पर काल करके या 9999945010 पर WhatsApp करके रजिस्ट्रेशन तुरंत करा लें. साधना से सम्बंधित अधिक जानकारी भी उनसे प्राप्त कर सकते हैं.
सत्यम् शिवम् सुंदरम्
शिव गुरु को प्रणाम्
गुरुवर को नमन्.

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