संजीवनी शक्ति उपचार- सुख, समृद्धि, सुरक्षा का वरदान- 11

चैप्टर 11
संजीवनी शक्ति उपचार- सुख, समृद्धि, सुरक्षा का वरदान
संस्थापक एवं लेखक- एनर्जी गुरू राकेश आचार्या


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संजीवनी शक्ति उपचार में अब मै आपको उर्जा चक्रों की जानकारी दे रहा हूं। इन्हें आप ध्यान से समझ लें और याद रखें। यही उपचार के उपकरण हैं और इन्हीं को ठीक करके पंचतत्वों को ठीक करना है।
हमारे शरीर में 76 हजार मिलियन से भी अधिक छोटे बड़े उर्जा चक्र होते हैं। ये मुख्य चक्र, उप चक्र, लघु चक्र और अति लघु चक्रों के रूप में वर्गीकृत हैं। हमारा शरीर सेल्स ( कोशिकाओं ) से बना होता है। हर सेल का एक उर्जा चक्र होता है। यही सेल को उर्जा देता है। इन्हें अति लघु चक्र कहते हैं। ये रोम रोम में होते हैं।
हर उर्जा चक्र का अपना पावर हाऊस होता है। ब्रह्मांड से संजीवनी को रिसीव करके चक्र अपनी उर्जा का प्रबंधन खुद करते हैं। अति लघु चक्र सेल्स को उर्जावान बनाते हैं। इसी उर्जा से सेल्स काम करते हैं। सेल्स की सक्रियता से ही जीवन चलता है।
अति लघु चक्रों की उर्जा धारण करने की क्षमता बहुत अधिक नहीं होती। इसी कराण कुछ समय बाद ये कमजोर होने लगते हैं। एक समय एेसा आता है जब अति लघु चक्र निष्क्रिय हो जाते हैं। तब उनसे जुड़े सेल मर जाते हैं। इसी कारण बीमारियां और बुढ़ापा आता है। इन उर्जा चक्रों को पुनर्जनित करके सेल के मरने की गति न्यूनतम की जा सकती है। एेसा करके न सिर्फ बीमारियों से बचा जा सकता है बल्कि बुढापे को भी रोका जा सकता है।
जैसे अति लघु उर्जा चक्रों की निष्क्रयता से सेल मर जाते हैं। उसी तरह लघु चक्रों की निष्क्रयता से टिशू मरने लगते हैं। उप चक्रों की निष्क्रियता शरीर के अंगों के मरने या निष्क्रिय होने का कारण बनती है। मुख्य चक्रों की निष्क्रयता से शरीर में पंच तत्व क्रियाहीन हो जाते हैं। इसी दशा को मृत्यु कहते हैं।
अक्षमता, अभाव, असफलता, अपयश, रुकावटें, बीमारियां, संकट, कलह, कर्ज सहित जीवन में जितनी भी परेशानियां दिखती हैं उन सबका कारण उर्जा चक्रों में खराबी ही होता है। एक संजीवनी उपचारक के तौर पर सदैव ध्यान रखें कि दिखने वाले कारण चाहे कोई भी हों लेकिन हर समस्या का सिर्फ एक ही कारण हैं और वह है उर्जा चक्रों में खराबी।
उर्जा चक्रों को ठीक रखकर जीवन को न सिर्फ निष्क्रियता से बचाया जा सकता है बल्कि दुख, समस्याओं और रुकावटों को समूल खत्म किय जा सकता है। यहां आपको बताता चलूं कि ग्रह-नक्षत्रों के दुष्प्रभाव, वास्तुदोष के दुष्प्रभाव, ब्लैक मैजिक के दुष्प्रभाव भी उर्जा चक्रों को ही बिगाड़ते हैं। अतः इन्हें ठीक करके उक्त तरह की सारी परेशानियां सरलता से हटाई जा सकती हैं।
उर्जा चक्रों का निर्माण महान संजीवनी शक्ति द्वारा किया जाता है। इसीलिए इसके द्वारा चक्रों को सरलता से ठीक किया जा सकता है।
सभी धर्मों के पूजा-पाठ, ज्योतिष के उपाय, दान, मंत्र जाप, ध्यान, योग, साधना, व्यायाम आदि उर्जा चक्रों को ठीक रखने के अपरोक्ष तरीके हैं। जो लाखों सालों से कामयाब साबित होते आये हैं।
अगर इनको दिखावा और पाखंड से मुक्त रखकर अपनाया जाये तो सुखी जीवन का इनसे सरल कोई उपचार नहीं।
इसी तरह दया, करुणा, प्रेम, सदाचार और परोपकार एेसी अवस्थाएं हैं जो उर्जा चक्रों को बिगड़ने से बचाती हैं। इनका प्रयोग भी कभी विफल नहीं जाता है।
आगे मै आपको बताउंगा कि उर्जा चक्र बिगड़ते कैसे हैं…..

आपका जीवन सुखी हो यही हमारी कामना है.

 

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