संजीवनी शक्ति उपचार- सुख, समृद्धि, सुरक्षा का वरदान- 3

चैप्टर 3
संजीवनी शक्ति उपचार- सुख, समृद्धि, सुरक्षा का वरदान
संस्थापक एवं लेखक- शिव साधक, एनर्जी गुरू राकेश आचार्या



संजीवनी शक्ति को छूकर नापें……
संजीवनी उपचार के तहत अब मै आपको संजीवनी शक्ति को छूना और नापना सिखाउंगा। दोनों हाथों को आपस में रगड़ें, लगभग 20 बार। रगड़ते समय ध्यान रखें कि हथेलियां और उंगलियां बराबर रगड़ें।
इससे हमारे हाथ संजीवनी के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। तब हमारे लिए संजीवनी शक्ति को छू पाना आसान हो जाता है।
इसके बाद दोनों हथेलियों को थोड़ा मोड़ लें। पहले चित्र में दिखाये गए हाथों की तरह। दोनों हथेलियों को एक दूसरे से लगभग 4 फीट की दूरी पर ले जायें। हाथों और हथेलियों को ढ़ीला रखें। फिर दोनों हाथ धीरे धीरे एक दूसरे की तरफ लाना शुरू करें।
इस क्रिया को करते समय अपनी जबान ऊपर तालू से चिपकाकर रखें। और मन में संजीवनी उत्पादक मंत्र ऊं. ह्रौं जूं सः का जाप करते रहें। इस मंत्र का जाप करने से संजीवनी शक्ति के साथ हमारा जुड़ाव बढ़ जाता है।
हाथों को एक दूसरे की तरफ लाते समय आप पाएंगे कि एक जगह पर आकर हथेलियां रुक सी रही हैं। और एक दूसरे को पीछे ढकेल रही हैं। बस इसी जगह हाथों को रोक लें। यह संजीवनी शक्ति की छुवन हैं। आपने अपने आभामंडल को छू लिया।
कुछ लोगों को संजीवनी की छुवन हथेलियों में कम्पन या ठण्ढक या गर्मी या झनझनाहट या खुजली के रूप में महसूस होगी। जिनका आभामंडल बहुत कमजोर है उनकी हथेलियां एक दूसरे की तरफ अपने आप खिंचती सी महसूस होंगी।
इस क्रिया को बार बार दोहरायें। इसकी आगे बहुत जरुरत पड़ने वाली है। पहली बार संजीवनी शक्ति छूने में कुछ समय लग सकता है। क्योंकि शुरूआत में हम इसकी छुवन से परिचित नहीं होते। अगर एक दो बार में संजीवनी न छू सकें तो निराश न हों। अभ्यास करते रहें। हो ही जाएगा। एेसा कोई नहीं जो इसे न कर सके।
इस तरह से आप न सिर्फ अपने आभामंडल को संचालित कर रही संजीवनी शक्ति को छू लेंगे बल्कि अपनी उर्जा को नाप भी लेंगे।
सामान्य स्थितियों में आप देखेंगे कि आप के हाथ बार बार एक ही दूरी पर रुक रहे हैं। जब आपका आभामंडल सामान्य होगा तो हाथ लगभग दो फीट की दूरी पर रुकेंगे। आभामंडल के कमजोर होने पर हथेलियां इससे कम दूरी पर रुकेंगी।
कमजोर आभामंडल अक्सर मुसीबतें खड़ी करता है। सो एेसा हो तो संजीवनी उत्पादक मंत्र ऊं. ह्रौं जूं सः का जाप करें। थोड़ी देर बाद पुनः नापें। तो पाएंगे कि अब हथेलियां पहले से अधिक दूर रुकने लगी हैं। अर्थात मंत्र जाप से आभामंडल तुरंत बढ़ गया।
इस अभ्यास को करने के बाद दूसरे चित्र की तरह हथेलियां फैलायें। और इसी मंत्र का जाप करते हुए संजीवनी शक्ति का आवाह्न करें। कहें हे दिव्य शक्ति मेरे हाथों के बीच आ जायें। कुछ देर इंतजार करें। आप पाएंगे कि हथेलियों में दबाव या भारी पन महसूस हो रहा है। बस समझ जाइये महान संजीवनी शक्ति आपके इशारे पर काम करने को तैयार है।
आगे मै आपको खुली आंखों से अपनी उर्जा और आभामंडल को देखना सिखाउंगा…..
तब तक के लिए राम राम.

आपका जीवन सुखी हो यही हमारी कामना है.

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