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*अज्ञात भय या बुरा अनुभव हो तो अखरोट से एनर्जी साफ करें*

My Post.jpgसभी अपनों को राम राम
कई बार लगातार बुरे अनुभव हो रहे होते हैं. या अज्ञात भय परेशान करता है. एेसा आभामंडल के भीतर उर्जाओं के रिसाव के कारण होता है. आभामंडल में हर क्षण प्राकृतिक रूप से उर्जा शोधन कार्य हो रहा होता है. इसके लिये आभामंडल के भीतर 180 डिग्री पर उर्जा की नालियां बनी होती हैं. जिनकी स्थिति बदलती रहती है. जब कभी सफाई वाली ये नालियां घूमती हुई सकारात्मक उर्जाओं के क्षेत्र में पहुंच जाती हैं तो जरूरी उर्जाओं को बाहर निकाल फेंकती हैं. इस कारण उर्जा की कमी हो जाती है. जिससे बार बार बुरी स्थितियां पैदा होती हैं. अनावश्यक विवाद या विरोधी पैदा होते हैं. आत्मबल कमजोर होता जाता है. अज्ञात भय परेशान करता है. अपने भी पराये से लगने लगते हैं. कई बार तो बीमारियां लग जाती हैं. कई बार कानूनी परेशानियां उत्पन्न होती हैं. कुछ लोग खतरनाक तंत्र के शिकार हो जाते हैं. देखने में आता है कि एेसी दशा में प्रायः लोग अपने ही गलत फैसलों का शिकार हो जाते हैं.
ज्योतिष वाले इसे खराब ट्रांजिट का नाम देते हैं.
आभामंडल से अच्छी उर्जाओं का यह रिसाव बहुत घातक होता है. इसे तुरंत रोका जाना चाहिये. जो लोग उर्जा विज्ञान के जानकार हैं वे मूलाधार, आज्ञा चक्र और प्लीहा चक्रों को लगातार उपचारित करें.
जो एेसा करना नही जानते उनके लिये सरल घरेलू उपाय बता रहा हूं.
अतींद्रीय रूप से देखने से पता चलता है कि आभामंडल की प्राकृतिक सफाई करने वाली उक्त उर्जा नालियों की उर्जायें नारियल और अखरोट की उर्जाओं की समधर्मी होती हैं. खासतौर से अखरोट की उर्जा इन उर्जा नालियों के प्रवाह में गतिरोध पैदा करती है. जिससे अच्छी उर्जाओं का रिसाव कम हो जाता है. जटा वाले नारियल की उर्जा भी इसी तरह का प्रभाव डालती है.
*उपयोग विधि…*
शिव गुरू को साक्षी बनायें. कहें- *हे शिव आप मेरे गुरू हैं मै आपका शिष्य हूं. मुझ शिष्य पर दया करें. आपको साक्षी बनाकर भय और परेशानियों से मुक्ति के लिये एनर्जी गुरू जी द्वारा वर्णित विधि अनुसार नारियल- अखरोट की उर्जाओं का उपयोग कर रहा हूं. इसकी सफलता हेतु मुझे दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करें*. 
अखरोट या नारियल ( जिसका उपयोग कर रहे हों) उससे उर्जा उपचार का आग्रह करें. कहें- *हे दिव्य नारियल या अखरोट मै उर्जा उपचार हेतु आपका उपयोग कर रहा हूं. आप मेर आभामंडल की शोधन प्रक्रिया को व्यवस्थित करके सर्वोत्तम करें. मुझे भय- परेशानियों से मुक्त करें.*
इसके बाद नारियल या अखरोट को बहते पानी में प्रवाहित कर दें. एेसा 4 दिन करें. नारियल उपयोग कर रहे हैं तो एक बार में एक नारियल लें. यदि अखरोट का उपयोग कर रहे हैं तो एक बार में 4 अखरोट लें. यदि बहता पानी उपलब्ध न हो तो नारियल या अखरोट घर से बाहर के किसी मंदिर के शिवलिंग पर अर्पित करें. तब प्रयोग को लगातार 9 दिन दोहरायें.
प्रयोग करने के बाद भगवान शिव को धन्यवाद दें. अपने भामंडल को धन्यवाद दें. नारियल या अखरोट को धन्यवाद दें. पंचतत्वों को धन्यवाद दें. विधि से अवगत कराने के लिये मुझे धन्यवाद दें.
*सबका जीवन सुखी हो, यही हमारी कामना है*.
*शिव शरणं*