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आज रात से 35 दिन की मौन साधना

घर बैठे अप्सरा, यक्षिणी और कुंडली साधना की तैयारी


My Post (2).jpgसाधकों की मांग पर उन्हें घर बैठे उच्च साधनायें कराने की तैयारी के तहत 35 दिन की मौन साधना आरम्भ कर रहा हूं.
इस दौरान जो लोग मुझसे मिलना चाहते हैं उन्हें लिखकर ही जवाब दे सकुंगा. 
मौन साधना 5-5 दिनों के 7 चरणों में पूरी होगी. इस दौरान एक हजार शिव सहस्त्र नाम अनुष्ठान सम्पन्न करूंगा. जिससे भविष्य में होने वाली कुंडली जागरण साधना, यक्षिणी साधना, अप्सरा साधना, समृद्धि साधना के साधकों पर सिद्धिदायी शक्तिपात किया जा सके.
तमाम लोग उच्च साधनायें करने लायक हैं. मगर समयाभाव व अन्य कारणों से वे आश्रम आकर एेसी साधनायें नही कर सकते. लम्बे समय से एेसे साधक घर बैठे साधनायें कराने का आग्रह कर रहे थे. अप्सरा, यक्षिणी और कुंडली जागरण साधनाओं की सिद्धि के लिये अत्यधिक उर्जाओं की आवश्यकता होती है.
इसके लिये सामान्य तौर पर साधक महीनों-वर्षों साधनायें करते हैं.
इन साधनाओं की सिद्धी के लिये विशेष रूप से मूलाधार, अनाहत, थर्ड आई और सौभाग्य चक्र की सक्रियता अनिवार्य होती है. हमारे साथ जुड़े कई साधक एेसे हैं जो व्यस्तताओं के कारण साधनाओं पर महीनों-सालों का समय खर्च नही कर सकते.
फिर भी उन्हें साधनायें करने का अधिकार तो है ही.
उनके लिये शक्तिपात का रास्ता बचता है. शक्तिपात के द्वारा उनके आभामंडल उर्जा चक्रों को जाग्रत करके उनकी ग्रहणशीलता बढ़ाई जाती है. जिससे सिद्धियां आसान हो जाती हैं.
शिवगुरू के निर्देशानुसार साधकों पर शक्तिपात हेतु पर्याप्त उर्जायें संकलित करने के लिये 35 दिवसीय मौन साधना शुरू कर रहा हूं.
जल्दी ही साधकों को घर से शक्तिपात ग्रहण करने और उच्च साधनायें करने के नियम बताउंगा.
इस बीच जो साधक अपने घर से शक्तिपात ग्रहण करना चाहते हैं और साधनायें करना चाहते हैं वे 9999945010 पर वाट्सअप के द्वारा अपना नाम, उम्र, गोत्र, स्थान और साधना का नाम (जिसे सम्पन्न करना चाहते हैं) लिखकर भेजें. अलग अलग साधनाओं के लिये उनके वाट्सअप या फेसबुक ग्रुप बना दिये जाएंगे. ग्रुप में ही उन्हें साधना का विधान, शक्तिपात का विधान और साधना सिद्धि के दिशा निर्देश दिये जाएंगे. ग्रुप में ही साधकों के फोटो मंगाकर उन पर शक्तिपात किया जाएगा.

*ध्यान रहें….*
1. एक समय में एक ही साधना का चयन करें.
2. किसी भी ग्रुप में साधना आरम्भ होने के दिन तक जितने साधक जोड़े जाएंगे सिर्फ उन्हें ही साधना सम्पन्न कराई जाएगी.
3. नये साधकों को अगली साधना का इंतजार करना होगा.
4. जो लोग खुद को आलोचनाओं से नही रोक पाते वे इन साधनाओं में शामिल न हों.
*सबका जीवन सुखी हो, यही हमारी कामना है*
*शिव शरणं*