सौभाग्य साधना: घर से करें

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सौभाग्य साधना: घर से करें
25 मार्च से 2 अप्रैल के बीच पूरी करें

1. जिन्हें लगता है उनका भाग्य साथ नही दे रहा।
2. जिन्हें लगता है अकारण दुख घेरे रहते हैं।
3. जिन्हें लगता है अकारण आर्थिक संकट आ जाते हैं।
4. जिन्हें लगता है उन्हें मान सम्मान नही मिलता।
5. जिन्हें लगता है उन्हें मेहनत का क्रेडिट नही मिलता।
ऐसे लोगों को अपना सौभाग्य जगाना ही चाहिये।
साथ ही जो सिद्धि प्रसिद्धि समृद्धि चाहते हैं उन्हें कर्मयोग के साथ अपना सौभाग्य भी जगाना चाहिये।

सभी साधकों को राम राम।
सौभाग्य हमारा प्राकृतिक अधिकार है, और जरूरत भी।
इस नवरात्रि में साधक अपना सौभाग्य जगा लें। इसके लिये सौभाग्य साधना का आयोजन किया गया है। साधक घर से ही साधना कर सकेंगे। साधना 25 मार्च से आरम्भ होकर 2 अप्रैल तक चलेगी।
साधना का मन्त्र… ह्रीं मंगले महा गौरि नमोस्तुते
साधना का आसन… लाल
साधना की दिशा… पूर्व
साधना की माला… कोई नही
नवरात्रि की ऊर्जाएं प्रबल रूप से सकारात्मक होती हैं। ऐसे में सौभाग्य साधना के परिणाम उत्साहजनक मिलते हैं।
सौभाग्य साधना करके सौभाग्य यन्त्र को सिद्ध किया जाता है। सिद्ध यन्त्र घर में स्थापित करने से पूरे परिवार को सौभाग्य सुख उपलब्ध होता है।
जो साधक स्वयं अपने लिये सौभाग्य यन्त्र सिद्ध नही कर पा रहे हैं, वे संस्थान से सिद्ध करा लें। संस्थान द्वारा साधकों के लिये नवरात में यन्त्र सिद्ध किये जायेंगे। नवरात्रि के बाद भेजे जाएंगे। साधक उन्हें अपने घर के मंदिर या लॉकर में स्थापित करेंगे।
जो साधक स्वयं सौभाग्य यन्त्र सिद्ध कर रहे हैं, वे इसकी विधि कहीं से प्राप्त कर लें। विधि बड़ी व जटिल होने के कारण हम यहां उसे नही दे रहे हैं। ताकि भूल चुक से साधक कोई गलती न कर बैठें।
सौभाग्य साधना का विधान…
1- जो साधक अपना यन्त्र संस्थान से सिद्ध करा रहे हैं वे एक कटोरी में एक मुट्ठी लौंग, एक मुट्ठी कपूर, 4 गोमती चक्र, 4 सुपारी रखें। उसमें चांदी का एक सिक्का रख लें। साधना के समय यह कटोरी सामने स्थापित करें। साधना पूरी होने के बाद उसे संभलकर रख लें। नवरात्रि के बाद संस्थान द्वारा भेजा जाने वाला यन्त्र इसी सामग्री के साथ घर में स्थापित किया जाएगा।
जो साधक यन्त्र स्वयं सिद्ध कर रहे हैं वे उपरोत्र चीजों की बजाय अपना सिद्ध हुआ यन्त्र सामने रखें।
2- साधना के समय दीपक जलाकर रखें। दीपक में घी या तेल अपनी इच्छानुसार डालें। दीपक में 2 इलायची डालकर रखें।
3- कलश स्थापना न की हो तो साधना स्थल पर एक लोटे में पानी भरकर रखें। लोटा ढककर रखें। उस पर लाल रोली से स्वास्तिक बना दें। उसे नवरात्रि भर रखा रहने दें। उसकी जगह बार बार न बदलें। यदि कलश स्थापना की हो तो अलग से जल का लोटा न रखें।
4- साधना के समय उपरोक्त सामान की कटोरी दीपक के दाहिनी तरफ रखें। उसकी जगह बार बार न बदलें।
5- मंदिर में देवी माँ का फोटो या मूर्ति न हो तो कटोरी में रखी सुपारी में से एक पर तिलक करके उसे सौभाग्य देवी के रूप में पूजें।
6- रोज एक घण्टे बिना माला के मन्त्र जप करें। मन्त्र जप के लिये समय निर्धारित रखें। हर दिन एक ही समय पर जप आरम्भ करें।
7- साधना की सफलता के लिये रोज किसी जीव को भोजन दें। कोई न मिले तो कहीं कच्ची जमीन पर चींटियों के लिये कुछ मीठा डालें।
साधना के संकल्प… आगे दिए संकल्पों को साधना आरम्भ करने से पहले प्रतिदिन दोहराएं।
1. शिवगुरु को साक्षी बनाएं। कहें- हे देवों के देव महादेव मेरे गुरुदेव आपको प्रणाम है। आपको साक्षी बनाकर मै सौभाग्य साधना सम्पन्न कर रहा हूँ। इसकी सफलता हेतु मुझे अनुमति और आशीर्वाद प्रदान करें।
आपका धन्यवाद!
2. ब्रह्मांड उर्जा से आग्रह करें। कहें- हे दिव्य संजीवनी शक्ति आपको प्रणाम है। सौभाग्य प्राप्ति हेतु आप मुझ पर दैवीय ऊर्जाओं का शक्तिपात करें। मेरे आभामंडल, ऊर्जा चक्रों और 33 लाख से अधिक रोम छिद्रों को स्वच्छ, स्वस्थ जाग्रत करें। मुझे मेरे गुरुदेव भगवान शिव के चरणों से जोड़कर रखते हुए मेरे आभामंडल को सौभाग्य देने वाली देवी के आभामंडल के साथ जोड़ दें।
आपका धन्यवाद!
3. मन्त्र से सिद्धि का आग्रह करें। कहें- हे दिव्य मन्त्र ह्रीं मंगले महा गौरि नमोस्तुते आपको मेरा प्रणाम है। आप मेरे आभामंडल, उर्जा चक्रों और हृदय सहित सभी अंगों में स्थापित हो जाएं। मेरी भावनाओं से जुड़कर मेरे लिये सिद्ध हो जाएं। मेरे सौभाग्य का जागरण करें।
आपका धन्यवाद!
4. सौभाग्य की देवी से आग्रह करें। कहें- हे सौभाग्य की देवी आपको मेरा प्रणाम है। मै अपने गुरुदेव भगवान शिव को साक्षी बनाकर सौभाग्य साधना कर रहा हूँ। देवी आपको महादेव की आन है, आप मेरे द्वारा किये जा रहे मन्त्र जप को स्वीकार करें, साकार करें। मेरे सौभाग्य का जागरण करें।
आपका धन्यवाद!
उपरोक्त संकल्प लेने के बाद मन्त्र जप आरम्भ करें। जप लगातार 1 घण्टे तक करें।
साधना के दौरान अलौकिक अनुभूतियां होंगी। उन्हें किसी को न बताएं। अपनी अनुभूतियां हमारे वट्सअप ग्रुप में शेयर करें। हम उनके आधार पर साधकों की ऊर्जाओं का आकलन करते रहेंगे। आवश्यकतानुसार उन्हें उपचारित करते जाएंगे।

सौभाग्य साधना: कुछ स्पष्टीकरण

सभी अपनों को राम राम
कल से शुरू हो रही सौभाग्य साधना को लेकर कुछ साधकों ने सवाल पूछे हैं। उनके स्पष्टीकरण जान लें।
1- लॉकडाउन के कारण गोमती चक्र और चांदी सिक्का नही मिल रहे। क्या इनके बिना भी साधना कर सकते हैं?
जवाब- हां, उनके बिना साधना कर लें।
2- घर में चांदी के पुराने सिक्के हैं, क्या उनका यूज कर सकते हैं?
जवाब- हां, यूज कर लें।
3- साधना सुबह करें या रात में करें?
जवाब- अपनी सुविधानुसार किसी भी समय कर सकते हैं।
4- किस रंग के कपड़े पहनकर साधना करें?
जवाब- कोई भी साफ सुथरे कपड़े पहनकर करें।

सभी सौभाग्यशाली हों।
यही हमारी कामना है।।

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