गौ मूत्र से घर में बरक्कत और शांति स्थापित करें

My Post (1).jpgसभी अपनों को राम राम
कई घरों में बहुत मेहनत के बाद भी बरक्कत नही होती. सुख शांति भंग रहती है. अतींद्रीय रूप से देखने से पता चलता है कि वहां जाने अनजाने नकारात्मक उर्जाओं के आने का रास्ते खुले होते हैं. नकारात्मक उर्जायें वहां आती ही रहती हैं. जो घर में रहने वाले लोगों के आभामंडल में घुसपैठ करती हैं. उनका सुख भंग करती हैं. घर की उन्नति रोक देती हैं. यहां तक कि एेसी उर्जायें घर में होने वाले पूजा पाठ को भी फलित नही होने देतीं.
एेसी स्थिति से निपटने के लिये दोहरा उपाय करना उचित रहता है.
एक उपाय में उस घर में आ चुकी उर्जाओं को बाहर निकालना होता है.
दूसरे के तहत घर में नकारात्मकता के प्रवेश का रास्ता बंद करना होता है और सकारात्मक उर्जायें स्थापित करनी होती हैं.
नकारात्मकता उर्जायें हटाने के लिये पहले उपाय की विधि…
एक लोटे (तांबे का नही) में कच्चा दूध लें. लोटे के दूध में 4 चम्मच जल मिलायें. 4 चुटकी काले तिल (असली हों ये चेक कर लें), 6 चुटकी जौं और लगभग 10 ग्राम गुड़ मिलायें. लोटे को किसी ढक्कन से ढक दें.
उपाय की सफलता हेतु भगवान शिव से सुरक्षा का आग्रह करें. कहें- हे देवों के देव महादेव आपको साक्षी बनाकर मै एनर्जी गुरू राकेश आचार्या जी द्वारा वर्णित ग्रह उर्जा शोधन उपाय कर रहा हूं. इसके सफलता हेतु मुझे दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करें.
लोटे को हाथ में लेकर उससे घर से नकारात्मक उर्जायें हटाने का आग्रह करें. कहें- हे दिव्य शोधक जल आप मेरे घर की उन्नति और सुख शांति में बाधा बन रही तंत्र के दुष्प्रभाव, वास्तु के दुष्प्रभाव, पितृ बाधाओं के दुष्प्रभाव, ऊपरी बाधाओं के दुष्प्रभाव, काली नजर के दुष्प्रभाव सहित समस्त तरह की नकारात्मक उर्जाओं को अपनी भीतर खींच लें. फिर उनका निष्कासन कर दें.
लोटे को घर में कम से कम एक रात के लिये कहीं रख दें. ध्यान रखें इस बीच कोई भी उसे छुवे नहीं और न ही खोल कर देखे. अगले दिन लोटा लेकर पीपल के किसी पुराने पेड़ के पास जायें.
पीपल के पेड़ से नकारात्मक उर्जाओं को नष्ट करने का आग्रह करें. कहें- हे दिव्य वृक्ष आप सभी देवों की सकारात्मक उर्जाओं से परिपूर्ण हैं. आपमें नकारात्मक नष्ट करने की क्षमता है. मेरे द्वारा अर्पित जल के माध्यम से आप मेरे घर परिवार को हानि पहुंचाने वाली समस्त तरह की नकारात्मक उर्जाओं का पातालीकरण करे उन्हें नष्ट कर दें.
उसके बाद लोटे का दूध पीपल की जड़ में डाल दें. घर वापस लौट जायें. वापसी में न तो पीछे मुड़कर देखें और न ही रास्ते में किसी से बात करें.
घर में आने वाली नकारात्मकता रोकने के उपाय की विधि….
उक्त उपाय करते हुए हर प्रदोष की शाम घर में गौमूत्र का छिड़काव करें. गौ मूत्र की उर्जाओं में नकारात्मक उर्जाओं के प्रवेश को रोकने की प्राकृतिक क्षमता होती है. साथ ही वह घर में सकारात्मक उर्जाओं को बढ़ाता है. गौ मूत्र बहुत अधिक मात्र में नही छिड़कना चाहिये. अन्यथा उसकी दुर्गंध परेशान करेगी.
छिड़कने से पहले गौमूत्र से सकारात्मकता बढ़ाने का आग्रह करें. कहें- हे दिव्य कामधेनु अवशेष मै अपने घर में आपका छिड़काव कर रहा हूं. आप मेरे घर में अदृश्य रूप से बने नकारात्मक उर्जाओं के प्रवेश द्वारों को बंद कर दें. साथ ही मेरे घर की उन्नति और सुख शांति के लिये सकारात्मक उर्जाओं का उत्सर्जन करें.
दोनो उपयों के बाद भगवान शिव को धन्यवाद दें. संजीवनी शक्ति को धन्यवाद दें. पंचतत्वों को धन्यवाद दें. गौ माता को धन्यवाद दें. धरती माता को धन्यवाद दें. विधि बताने के लिये मुझे धन्यवाद दें.
सबका जीवन सुखी हो, यही हमारी कामना है.
शिव शरणं

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