Human Energy Science = कामयाब जिंदगी….6

महासाधना से शक्तिपात


प्रणाम मै शिवांशु
अब तक आपने जाना कि हमारे सूक्ष्म शरीर में दूषित उर्जाओं की घुसपैठ ही सारी समस्याओं का कारण होती है। इसे हटा दिया जाये तो समस्यायें समाप्त हो जाती हैं। इसको हटाने के लिये शक्तिपात एक सक्षम तरीका है।
आप पहले ही जान चुके हैं कि एक सक्षम संजीवनी उपचारक न सिर्फ खुद को समस्या मुक्त कर लेता है, बल्कि दूसरों के जीवन से भी दुखों को तिनके की तरह उड़ा देता है।

अब जानेंगे कि शक्तिपात के लिये महासाधना एक प्रभावशाली तरीका है.

क्या है महासाधना….
जब 1000 से अधिक लोग एक ही समय में एक ही मंत्र से साधना करते हैं, तो उसके नतीजे मल्टीप्लाई होकर एक लाख गुना बढ़ जाते हैं। साधना की इस स्थिति को महासाधना कहा जाता है। रोज इतनी बड़ी संख्या में साधकों के साथ साधना का आयोजन बड़ा कठिन काम होता है। उर्जा विज्ञान पर मजबूत कमांड होने के कारण हमारे गुरुजी ने इसके लिये सरल विधि खोज ली है। जिससे गुरु जी द्वारा कराई जा रही महासाधना में हर दिन देश विदेश के लाखों शामिल हो रहे हैं।
इस विधि से आप घर बैठे ही महासाधना कर सकते हैं।

इसमें कुंडली जागरण रुद्राक्ष को गले में धारण करके १० मिनट सुबह (७ से ७।१० बजे तक) और १० मिनट रात में (१० से १०।१० बजे तक) साधना के लिये बैठा जाता है।
महासाधना में एनर्जी गुरु जी कुंडली जागरण रुद्राक्ष को माध्यम बनाकर शक्तिपात करके लोगों की उर्जाआें को साफ व संतुलित करते हैं।
जिससे साधकों की कुंडली सहित दूसरी आंतरिक शक्तियों का जागरण होता है। सुखी जीवन की स्थापना होती है।

महासाधना के लाभ क्या हैं…..
महासाधना के दौरान गुरु जी साधकों को गले में पहने कुंडली जागरण रुद्राक्ष के माध्यम से अपनी उर्जा के साथ जोड़ लेते हैं। फिर उनके सूक्ष्म शरीर, उर्जा चक्रों को साफ व संतुलित करते हैं। साथ ही उनके उर्जा चक्रों को जाग्रत करते हैं। कुंडली व सौभग्य चक्र को विशेष रूप से जाग्रत करते हैं। इससे साधक के भीतर समस्याआें से मुक्त होने की क्षमतायें जाग उठती हैं। सुख-समृद्धी की शक्तियां जाग जाती हैं। अध्यात्मिक क्षमतायें जाग जाती हैं। साधक के भीतर का शिव तत्व जाग जाता है। सीधे कहें तो साधकों के भीतर शिव जाग जाते हैं। उनकी शक्तियां जाग जाती हैं। तब साधक दूसरों को भी दुखों से मुक्त करने की क्षमता का उपयोग करने में सक्षम हो जाते है।

महासाधना करने की विधि क्या है…..
इसकी विधि सरल होते हुये भी बहुत ही प्रभावशाली है। शुरू करने के २ हफ्तों के भीतर ही चेहरे की चमक बढ़ने लगती है।
महासाधना शुरू करने से पहले कम से कम ५ मिनट तक योग या एक्सरसाइज करें।
फिर साफ सुथरी जगह पर बैठ जायें।
किसी कारण से आसन पर न बैठ सकें तो कुर्सी या सोफे पर बैठ सकते हैं। मगर सोने वाले बिस्तर पर न बैठें।
भगवान शिव को और शिव शिष्य एनर्जी गुरू डा. राकेश आचार्या का ध्यान करें। भगवान शिव से प्रार्थना पूर्वक संकल्प लें। मन ही मन कहें हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं, मुझ शिष्य पर दया करें। आपको साक्षी बनाकर मै एनर्जी गुरु जी द्वारा करायी जा रही महासाधना में शामिल हो रहा हूं। इसे स्वीकार करें और साकार करें।
१६ बार लम्बी और गहरी सांसे लेकर मंत्र जाप शुरू कर दें।
इसके लिये दो मंत्र हैं। उनका जाप १० मिनट माला का उपयोग किये बिना करें। जाप के समय आंखें बंद रखें।

महासाधना के मंत्र…..
सुबह का मंत्र है- ऊं ह्रौं जूं सः माम् पालय पालय सः जूं ह्रौं ऊं । महासाधना में इस मंत्र के उपयोग से बीमारियों, विवादों, रुकावटों को खत्म करने वाली उर्जाआें का संचार किया जाता है। जिससे कुंडली सहित आत्म शक्तियों का जागरण भी होता है।

रात का मंत्र है- ऊं शं शंकराय धनम देहि देहि ऊं। महासाधना में इस मंत्र के उपयोग से धन-समृद्धी, आत्मबल व सम्मान को बढाने वाली उर्जाआें का संचार किया जाता है।
मंत्र जाप के बाद भगवान शिव और एनर्जी गुरु राकेश आचार्या को दक्षिणा के रूप में धन्यवाद दें। फिर धरती मां को प्रणाम व धन्यवाद करके उठ जायें। ५ मिनट का योग या एक्सरसाइज दोबारा करें। इसी तरह दोनों समय की महासाधना पूरी करें।

क्या महासाधना में कोई भी बैठ सकता है…
हां, जिनके पास गले में धारण करने वाला कुंडली जागण रुद्राक्ष है वे सभी लोग महासाधना में बैठ सकते हैं। चाहे उनकी एनर्जी रिपोर्ट बनी हो या न बनी हो।

कुंडली जागरण रुद्राक्ष क्या होता है….
ये बड़ा ही चमत्कारिक होता है। सात मुखी से ऊपर वाले १०० रुद्राक्ष में से २ रुद्राक्ष ही कुंडली जागरण करने में सक्षम होते हैं। एनर्जी रीड करके उनका पता लगाया जाता है। फिर उन्हें जाग्रत करके सिद्ध किया जाता है। उसके बाद जिस व्यक्ति को चाहिये उसकी एनर्जी से मैच कराकर संजीवनी उपचार और कुंडली जागरण के लिये इसे प्रोग्राम किया जाता है।
यदि ऐसे एक रुद्राक्ष को तैयार किया जाये तो पूरी प्रक्रिया पर २० हजार से भी अधिक का खर्च आता है।
सामूहिक रूप से इन्हें तैयार करने पर प्रति रुद्राक्ष खर्च कम होता जाता है।
( यदि आपको ये कहीं न मिल पा रहा हो तो हमारे संस्थान से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिये 9999945010 पर सम्पर्क कर सकते हैं।)

इसे धारण करने वालों की उर्जाआें को एनर्जी गुरु जी दूर से ही नियंत्रित करके ठीक कर देते हैं। इसे धारण किये हुए लोग हर क्षण गुरु जी की उर्जाआें से जुड़े होते हैं। इस तरह से गुरु जी द्वारा की जा रही ध्यान-साधनाआें की उर्जायें उन्हें स्वतः मिल रही होती हैं। साथ ही वे जब चाहें कामना करके गुरु जी की उर्जाआें को प्राप्त करके उनका लाभ ले सकते हैं।
ये बड़ी ही चमत्कारिक क्रिया होती है ।

क्या महासाधना के लिये गुरु जी के पास आना जरूरी है……
नहीं। साधना करने वाले लोग गले में कुंडली जागरण रुद्राक्ष पहनकर अपने घर, प्रतिष्ठान, किसी पार्क या अन्य शांत जगह बैठ जाते हैं। कुंडली जागरण रुद्राक्ष के माध्यम से एनर्जी गुरु जी उन्हें अपने साथ जोड़कर उन पर शक्तिपात करते हैं।

महासाधना कब से शुरू करें…
महासाधना रोज होती है। इसे कभी भी शुरु कर सकते हैं। अपने सुखों के लिये हमेशा करें।

क्या महासाधना के समय कोई परहेज करना होगा…
इसमें कोई खास परहेज नहीं है। डाक्टर जिसकी इजाजत दें, वो सब कुछ खा पी सकते हैं। शानदार नतीजों के लिये गुस्से से बचें। और किसी की आलोचना न करें। महिलायें पीरियड के दिनों में महासाधना न करें।
( क्रमशः)
सत्यम् शिवम् सुंदरम्
शिव गुरु को प्रणाम
गुरुवर को नमन.

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