प्रारब्ध मोचन साधनाः Registration Confirm

timeआपका रु. 5101/- का डोनेशन प्राप्त हुआ। हार्दिक आभार। 
Mrityunjay Yog Foundation
80G No.- A/10031
PAN No. – AAETM5664J
TAN No.- LKNM08666A

प्रारब्ध मोचन साधना के लिये आपका रजिस्ट्रेशन कन्फर्म हुआ है। साधना का विधान और सम्बंधित लिंक आगे दिये हैं। कृपया उन्हें ठीक से पढ़कर समझ लें और और साधना आरम्भ करें। 
धन्यवाद।


प्रारब्ध मोचन साधना के संकल्प, मन्त्र, विधान और Recording link

https://fccdl.in/KmXorZ4HOb


राम रामजी।
ऊपर दिया रिकॉर्डिंग लिंक महाशिवरात्रि को गुरुजी द्वारा कुम्भ नगरी हरिद्वार में कराई गई प्रारब्ध साधना का है। प्रारब्ध मोचन साधना शुरू करने से पहले इसे जरूर सुनें।
साधना विधान:-
सबसे पहले 9250500800 पर अपना लेटेस्ट फोटो वट्सअप करें। गुरु जी प्रारब्ध मोचन साधना के मंत्रों को आपके शक्ति केंद्रों में स्थापित करेंगे। ताकि मन्त्र जप फलित हो और प्रारब्ध के दुखों से मुक्ति आसान हो।
आचार्य कार्यालय द्वारा आपके आभामण्डल में मंत्रों की कनेक्टिविटी होने की कन्फर्मेशन मिलने के बाद ही साधना आरम्भ करें।
फोटो एक ही बार भेजना है। रोज नही।
इसमें 1 से 10 दिन के बीच का समय लग सकता है।
कनेक्टिविटी कन्फ़र्म होने के बाद कभी भी साधना आरम्भ कर सकते हैं।
महिलाएं पीरियड के दिनों में साधना न करें। सूतक लगा होने की दशा में कोई भी साधना न करे।
साधना का आरम्भ-
यह साधना प्रतिदिन करनी चाहिये।
अपनी सुविधनुसार समय पर साधना करें।
साफ सुथरे कपड़े पहनकर घर के मंदिर में या किसी भी साफ व एकांत जगह पूरब या उत्तर दिशा में मुंह करके बैठ जाएं। इस साधना में कलश, दीपक, धूपबत्ती, प्रसाद, फूल माला अनिवार्य नही हैं।
सबसे पहले संकल्प लें। ये संकल्प रोज लेने हैं।
किंतु ऑडियो रिकार्डिंग में गुरु जी द्वारा बोले गए अलग अलग ग्रहों के संकल्प आपको नही लेने। क्योंकि मंत्रों की कनेक्टिविटी के समय वे संकल्प गुरु जी द्वारा आपके फोटो पर उयोग किये जा चुके होंगे।
श्री गणेशाय नमः, बोलकर संकल्प लेना शुरू करें।
संकल्प-1
संजीवनी शक्ति से शक्तिपात का आग्रह करें। कहें- हे दिव्य संजीवनी शक्ति मुझ पर दैवीय ऊर्जाओं का शक्तिपात करके मुझे मेरे गुरुदेव भगवान शिव के चरणों से जोड़ दें। मेरे आभामण्डल को भगवान नारायण और नवग्रहों के आभामण्डल के साथ जोड़ दें। मेरे भीतर पंचतत्वों का प्रबल संचार करें।
आपका धन्यवाद।
संकल्प-2
भगवान शिव को साधना का साक्षी बनाएं। कहें- हे मेरे गुरुदेव देवों के देव महादेव आपको प्रणाम। आपको साक्षी बनाकर मै जन्मों के दुखों का नाश करने के लिये प्रारब्ध मोचन साधना कर रहा हूँ। मुझे इसकी अनुमति प्रदान करें, दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करें।
आपका धन्यवाद।
संकल्प-3
नारायण भगवान से सुदर्शन चक्र सी सुरक्षा की मांग करें। कहें- हे जगतपति श्रीहरि विष्णु आपको प्रणाम। मै अपने गुरुदेव भगवान शिव को साक्षी बनाकर प्रारब्ध मोचन साधना हेतु नारायण मन्त्र का जप कर रहा हूँ।
आप मेरे द्वारा किये जाने वाले मन्त्र जप को स्वीकार करें, साकार करें। मुझे प्रारब्ध की पीड़ा से मुक्ति हेतु सुदर्शन चक्र सी अभेद सुरक्षा प्रदान करें।
आपका धन्यवाद।
संकल्प-4
नवग्रहों से पंचतत्वों के जागरण की मांग करें। कहें- सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहष्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु सहित सभी ग्रह नक्षत्रों आपको नमन। अपने गुरु भगवान शिव को साक्षी बनाकर मै प्रारब्ध मोचन हेतु आपके मंत्रों का जप कर रहा हूँ। आप सब मेरे द्वारा किये जाने वाले मन्त्र जप को स्वीकार करें। मेरे भीतर पंचतत्वों की ऊर्जाओं का जागरण करके उन्हें मेरे लिये सर्वोत्तम करें।
आपका धन्यवाद।
इसके बाद आगे दिए क्रम में मन्त्र जप शुरू करें।
प्रारब्ध मोचन साधना के हर दिन जपे जाने वाले मंत्र-
1. ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः (एक माला)
2. ॐ सों सोमाय नमः (एक माला)
3. ॐ हुं श्री मंगलाय नमः (एक माला)
4. ॐ बुं बुधाय नमः (एक माला)
5. ॐ बृ बृहस्पतये नमः (एक माला)
6. ॐ शुं शुक्राय नमः (एक माला)
7. ॐ शं शनिश्चराय नमः (एक माला)
8. ॐ भ्राम भ्रीम भ्रौम सः राहवे नमः (एक माला)
9. ॐ कें केतवे नमः (एक माला)
10- नारायण मन्त्र-
नारायणं सर्व कालम श्रुत प्रसखलनादिषु ग्रह नक्षत्र पीडाशु देव बाधाशु सर्वतः
(11 मंत्र)