नवरात्रि उर्जा- साधनाः कुंडलिनी में स्थापित करें देवी शक्ति

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नवरात्रि पर अपनी कुंडलिनी शक्ति को जगा लेना चाहिये।
जाग्रत कुंडलिनी धन-एश्वर्य-पद-प्रतिष्ठा-मान-सम्मान-यश-कीर्ति देने में सक्षम होती है।
जाग्रत कुंडलिनी का उपयोग किया जाए तो इन सुखों को जीवन में स्थापित करना आसान होता है।
आप भी इस नवरात्रि में अपनी कुंडलिनी शक्ति को जगायें। उसका उपयोग आरम्भ करें।
साधना तिथि- 13 अप्रैल से 22 अप्रैल 2021

चैत्र नवरात्रि की तिथियां

  • पहला दिन: 13 अप्रैल 2021, मां शैलपुत्री पूजा
  • दूसरा दिन: 14 अप्रैल 2021, मां ब्रह्मचारिणी पूजा
  • तीसरा दिन: 15 अप्रैल 2021, मां चंद्रघंटा पूजा
  • चौथा दिन: 16 अप्रैल 2021, मां कूष्मांडा पूजा
  • पांचवां दिन: 17 अप्रैल 2021, मां स्कंदमाता पूजा
  • छठा दिन: 18 अप्रैल 2021, मां कात्यायनी पूजा
  • सातवां दिन: 19 अप्रैल 2021, मां कालरात्रि पूजा
  • आठवां दिन: 20 अप्रैल 2021, मां महागौरी पूजा
  • नौवां दिन: 21 अप्रैल 2021, मां सिद्धिदात्री पूजा
  • दसवां दिन: 22 अप्रैल 2021, व्रत पारण

इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी मांः बड़े अनिष्ट की आशंका

13 अप्रैल, मंगलवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के पावन मौके पर हर बार मां अलग- अलग वाहनों से आती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के पावन दिनों में मां धरती पर ही निवास करती हैं। इन दिनों में मां को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी किए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में मां की पूजा- अर्चना करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं इस बार किस वाहन से आ रही हैं और मां के अलग- अलग वाहनों से आने का क्या अर्थ होता है।

भविष्य की घटनाओं के बारे में संकेत

  • देवीभागवत पुराण के अनुसार मां दूर्गा का आगमन आने वाले भविष्य की घटनाओं के बारे में संकेत देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां का वाहन शेर होता है, लेकिन नवरात्रि के पावन मौके पर मां पृथ्वी पर अलग- अलग वाहनों पर आती हैं।

दिन के हिसाब से होता है निर्धारित

  • मां किस वाहन से धरती पर आएंगी ये दिन पर निर्भर करता है। अगर नवरात्रि की शुरुआत रविवार, सोमवार से हो रही है तो मां पृथ्वी पर हाथी पर सवार होकर आती हैं। शनिवार, मंगलवार से नवरात्रि प्रारंभ हो तो मां घोड़े पर सवार होकर आती हैं। गुरुवार, शुक्रवार से नवरात्रि प्रारंभ हो तो मां डोली पर आती हैं। वहीं अगर बुधवार से नवरात्रि प्रारंभ हो तो मां नाव पर सवार होकर आती हैं। इस बार नवरात्रि मंगलवार से प्रारंभ हो रही हैं, इसलिए मां घोड़े पर सवार होकर आएंगी।

घोड़े से आने का मतलब

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा का घोड़े पर आना शासन और सत्ता के लिए अशुभ माना गया है।