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नया साल, नई ऊर्जा, नये संकल्प

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आज रात 12 बजे अपना मणिपुर चक्र लॉक कर लें

सभी अपनों को राम राम
और 2020 शुभकामनाएं
सन 2020 की आहट हो गयी है।
कल किसी ने कहा इसमें नया क्या है, सिर्फ तारीखें ही तो बदल रही हैं। यह तो अंग्रेजी वर्ष है, हमें हिंदी महीनों की गणना के मुताबिक साल मनाना चाहिये।
उन्हें मैने जो जवाब दिया उसकी चर्चा यहां जरूरी नहीं।
लेकिन आप लोग उन व्यक्ति की तरह न सोचें।
समय किसी का नही होता और सबका होता है।
जब भी जिस रूप में भी मौका मिले, उत्सव मनाने से न चूकें। सनातन संस्कृति उत्सव परंपरा को अत्यधिक महत्व देती है। दरअसल उत्सव मनाना ऊर्जाओं के सामूहिक उपचार का विज्ञान है। इससे घर परिवार और समाज में खुशहाली फैलाने वाली ऊर्जाओं का विस्तार होता है।
इसीलिये हिंदी महीनों की तिथियां त्योहारों से भरी रहती हैं। तिथि-त्योहारों को बोझ समझकर टालें नही, बल्कि उत्साह के साथ मनाएं। त्योहार मनाने का मतलब अधिक खर्च करना नही बल्कि सामूहिक रूप से उत्साहित होना होता है। इससे वातावरण में फैल रही उदासी पैदा करने वाली ऊर्जाएं नष्ट हो जाती हैं।
अंग्रेजी महीने सूर्य की गति का अनुशरण करते हैं।
31 दिसंबर की रात 12 बजे दक्षिणायन के सूर्य विशेष डिग्री पर आ जाते हैं। यह रात 13 घण्टे 24 मिनट के आसपास की होती है। जबकि दिन लगभग 10 घण्टे 36 मिनट का होता है। हिन्दू मान्यता के मुताबिक छोटे दिन और लंबी रातें काल देवताओं अर्थात काली शक्तियों को बल देती हैं।
अर्थात इस काल के वातारण में नकारात्मकता बढ़ी रहती है। जिसे हटाने के लिये उत्साहपूर्ण मनाए गए उत्सव बड़े कारगर साबित होते हैं।
सूर्य जब दक्षिणायन से उत्तरायण जाते हैं तो वातावरण की सकारात्मकता बढ़ती है। जुलियन कैलेंडर के अनुसार लगभग 23 दिसंबर से ही उत्तरायण सूर्य के योग बन जाते हैं, परंतु भारतीय पंचांगों के अनुसार यह तिथि 14 जनवरी को आती है। सूर्य 6 माह उत्तरायण और 6 माह दक्षिणायन रहते हैं
31 दिसंबर की रात इस परिवर्तन का खास बिंदु है। जब ब्रह्मांड नकारात्मकता से सकारात्मकता की ऊर्जाओं में प्रवेश कर रहा होता है तब इसका लाभ उठाने के लिये हमें खुद को तैयार कर लेना चाहिये। उत्सव मनाकर, उत्साहित होकर नए साल का स्वागत करना इसी तैयारी का अंग है। उत्साहित मन सकारात्मक ऊर्जाओं को आत्मसात करने में सक्षम होता है।
वातावरण की बची खुची नकारात्मकता हमारे साथ आगे न चली जाए, इसके लिये 31 दिसंबर की रात 12 बजे सूर्य के विशेष डिग्री में प्रवेश करने के वक्त अपने मणिपुर चक्र को जरूर लॉक करें।
इसकी विधि हम पहले बता चुके हैं।
नए साल का स्वागत नए उत्साह, नई ऊर्जा, नए संकल्प के साथ करें।
हमारी तरफ से आपको ढेरों शुभकामनाएं।