ख़तरनाक ऊर्जाओं की छाया, बचकर रहें
7 जून 2016
प्रणाम मै शिवांशु
आज गुरुदेव से कई दिनों बाद बात हो सकी. वे गहन साधना में हैं. गुरुवर ने बताया कि हमारा ब्रह्माण्ड इन दिनों ख़तरनाक ऊर्जाओं की छाया में है. दक्षिण की तरफ से उठने वाली ऊर्जाओं की लहर पश्चिम की तरफ मुड़ जा रही है. जबकि प्राकृतिक रूप से उसे उत्तर की तरफ जाना चाहिये.
इस वजह से दक्षिण और पश्चिम की ऊर्जाओं में मिलावट हो रही है. ये खरनाक है. इसके कारण धरती का ऊर्जा क्षेत्र प्रदूषित हो रहा है. ऊर्जा का ये प्रदूषण लोगों के विशुद्धि और मूलाधार चक्रों को बीमार करने वाला है.
70 प्रतिशत से अधिक लोगों के इसका शिकार होने की आशंका है. जो इसका शिकार होगा उसके शरीर में दर्द, गले में प्राब्लम, बुखार, निःसहाय की दशा होगी. उसकी ऊर्जा साथ रहने वालों खास तौर से घर के लोगों को भी तेजी से प्रभावित करेगी. जिससे उनके भी चपेट में आने का खतरा होगा.
ऊर्जा ख़राब होते ही हिम्मत टूटती सी लगेगी.
घर के लोगों में एक जैसी समस्या देखकर जादू टोना, ब्लैक मैजिक का शक होगा. जो लोग आशंकाओं या भय में होंगे उनकी ऊर्जा अधिक तेजी से ख़राब होगी. चिंता, तनाव व् गुस्से से गुजर रहे लोगों पर अधिक खतरा है. ऐसे में कई बार दवा देर से काम करेगी.
डरें नही. ये जादू टोना नही है. झाड़ फूँक, गृह नक्षत्र के चक्कर में न पड़ें. बस धैर्य और हिम्मत बनाये रखें.
अगर बीमारी महसूस कर रहे हैं तो डॉ से तुरन्त मिलें. ध्यान रखें ये कोई विशेष बीमारी नही है, इसलिये तमाम टेस्ट कराने की बिलकुल जरूरत नही है. समय से दवा लें और डॉ द्वारा बताये परहेज जरूर अपनाएं.
इस खतरे से बचने के लिये अपनी ऊर्जाओं की सफाई तुरंत करें. इसमें ब्रह्मांडीय ऊर्जा स्नान बहुत सहायक होगा.
उसे नियमित करें. मूलाधार, विशुद्धि, हाथों पैरों के चक्र, प्लीहा चक्र, आज्ञा चक्र, अनाहत चक्र और पसलियों को ठीक से साफ करें. उन्हें उपचारित करें. तो सुरक्षित रहेंगे.
इसके लिये एनर्जी रिपोर्ट की तकनीक या संजीवनी उपचार तकनीक का उपयोग करें. या आपको जो भी विधि मालुम हो उसे अपनाएं.
ऊर्जाएं ख़राब बनी रहीं तो तबियत ठीक हो जाने के बाद भी प्रभावित व्यक्ति के काम काफी समय तक बिगड़ते रहने का खतरा है. जिसके कारण बार बार जादू टोना, ब्लैक मैजिक का अहसास होगा. मगर डरें नही. ऊर्जाएं ठीक होते ही सब ठीक हो जायेगा.
गुरुदेव ने सभी से कहा है कि वे डॉ तक जाने की नौबत आने से पहले ही अपनी ऊर्जाओं को ठीक करें. सरसों का तेल लगाकर गेहूं की रोटी गाय को खिलाने से भी इन दूषित ऊर्जाओं का शोधन हो जायेगा.
आप चाहें तो इसे भी कर सकते हैं.
जो लोग महासाधना कर रहे हैं वे दूसरों की अपेक्षा मिलावटी ऊर्जाओं से अधिक सुरक्षित हैं. फिर भी वे भी अपनी ऊर्जा साफ करते रहें. इसके लिये नमक के पानी से नहाना भी सहायक साबित होगा.