
राम राम
आज आपके जीवन का बहुत खास दिन है।
गुरुजी इन दिनों हिमालय के मणिकूट पर्वत पर साधना कर रहे हैं।
उस जगह जहां से हनुमान जी लक्ष्मण जी के लिये संजीवनी बूटी लेकर गए थे।
उससे कुछ ही दूरी पर वह स्थान है जहां भगवान शिव की बारात रुकी थी। बारात बड़ी होने के कारण बारात के आधे भूत प्रेत वहां रोक दिए गए थे। आधे साथ गए थे, जो हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में रुके।
बहुत से साधक यहां भूत प्रेत सिद्ध करने के लिये आते हैं।
आज पूर्णमासी है।
आज से अप्सरा साधना आरम्भ हो रही है।
साधकों की साधना सिद्ध हो और उन्हें अप्सरा सिद्धि प्राप्त हो इसके लिये गुरुजी ने आज सुबह साधकों की तरफ से मणिकूट के अन्न क्षेत्र में भंडारा कराया।
गुरु जी ने सभी साधकों की साधना सिद्धि के लिये शुभकामनाएं दी हैं।
सबका जीवन सुखी हो, यही हमारी कामना है
शिव शरणम्