शक्तिपात ग्रहण करने हेतु संजीवनी प्राणायाम तुरंत शुरू करें

My Post (3).jpgसभी अपनों को राम राम
जो लोग घरों में रहकर उच्च साधनायें करना चाहते हैं वे शक्तिपात की ग्रहण शीलता बढ़ायें.
साधकों पर उच्च शक्तिपात के लिये मै सहस्त्र साधना कर रहा हूं. 35 दिन की मौन साधना का पहला चरण 13 दिसम्बर को पूरा हो जाएगा. 14 दिसम्बर से उच्च साधना हेतु साधकों पर शक्तिपात आरम्भ करुंगा.
इसके लिये 13 दिसम्बर को उच्च साधक फेसबुक के शिव साधक ग्रुप में अपना लेटेस्ट फोटो भेजें. घर से साधना कर रहे साधकों को उसी ग्रुप में निर्देश मिलेंगे. ग्रुप में अब तक 3 हजार से अधिक साधक साधना करने के लिये तैयार हो चुके हैं.
शक्तिपात के द्वारा साधकों के मूलाधार, अनाहत, थर्ड आई और सौभाग्य चक्रों को सक्रिय किया जाएगा. उच्च साधनाओं की सफलता के लिये इनकी सक्रियता अनिवार्य होती है.
सभी साधक इस शक्तिपात का लाभ घर बैठे ही उठा सकें इसके लिये अपनी ग्रहणशीलता बढ़ा लें.
शक्तिपात की ग्रहणशीलता बढ़ाने के लिये प्रतिदन 10 मिनट संजीवनी प्राणामयाम करें.
संजीवनी प्रणायाम…
संडीवनी मंत्र ऊं. ह्रौं जूं सः का जप करते हुए किये जाने वाले प्राणायाम को संजीवनी प्राणायाम कहा जाता है. इसमें ऊं. ह्रौं जपते हुए लम्बी सांस अदर खींचनी होती है. कुछ क्षण सांस रोकें. फिर जूं सः जपते हुए सांस को धीरे धीरे बाहर निकालें.
संजीवनी प्राणायाम के परिणाम बड़े ही चमत्कारिक होते हैं. इससे शरीर के रोम रोम में उर्जाओं का संचरण होता है. जिससे कोशिकायें अपना पुनर्जनन करती हैं. कोशिकाओं का पुनर्जन न सिर्फ शरीर को निरोगी करता है बल्कि मन मस्तिष्क की सक्रियता को भी चरम पर पहुंचाता है. जो कि सिद्धियों के लिये अनिवार्य होता है.
संजीवनी प्राणायाम संजीवनी शक्तिपात की ग्रहणशीलता बढ़ाता है.
संजीवनी शक्तिपात….
संजीवनी शक्तिपात एक दुर्लभ उपलब्धि है. इसके द्वारा साधक के उर्जा शरीर का पुनर्जनन होता है. कुंडली, उर्जा चक्र, आभामंडल सक्रिय हो जाते हैं.
जिससे न सिर्फ अध्यात्मिक उपलब्धियां बढ़ती हैं बल्कि भौतिक जीवन की उपलब्धियां भी विशाल हो चलती हैं.
सबका जीवन सुखी हो यही हमारी कामना है
शिव शरणं

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