
सभी अपनों को राम राम
ब्रह्मांड की बदलती उर्जायें कई लोगों का मन बिगाड़ेंगी. क्योंकि ब्रह्मांड की लाल उर्जा में नीली उर्जा की मिलावट से मणिपुर और अनाहत चक्र प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं.
अकारण निराशा, चिड़चिड़ापन और रुकावटें लगें तो समझें ब्रह्मांडीय बदलाव प्रभावित कर रहा है.
इससे बचने के लिये मीठे चावल का दो दिन दान कर दें.
चावल घर में पके होने चाहिये. मीठा करने के लिये चीनी या गुड़ दोनो में से किसी भी वस्तु का उपयोग कर सकते हैं.
मीठे चावलों को किसी को देने के लिये पालीथीन में पैक न करें. उन्हें कागज में पैक करके दें.
कागज में रखे मीठे चावलों को हाथ में लेकर दुख हरण का आग्रह करें.
1. भगवान शिव से कहें- *हे गुरूदेव आपको साक्षी बनाकर मै एनर्जी गुरू राकेश आचार्याजी द्वारा वर्णित उर्जा उपचार विधान के मुताबिक मीठे चावल दान कर रहा हूं, इससे मेरे सूक्ष्म शरीर का उपचार हो और दुख दूर हों इसके लिये दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करें.*
2. मीठे चावल से शोधन का आग्रह करें. कहें- *दिव्य चावल मेरे सूक्ष्म शरीर में व्याप्त सफेद, लाल उर्जा के प्रदूषण को अपने भीतर सोखकर उनका निष्कासन करें.*
3. जिसको मीठे चावल दान दें मन ही मन उसके लिये प्रार्थना करें. कहें- *हे शिव गुरू आज इस व्यक्ति के माध्यम से मेरे सूक्ष्म शरीर का उपचार हो रहा है. आप इनके जीवन को भी सुखी बनायें.
चावल दान के बाद प्रयोग की सफलता हेतु भगवान शिव को धन्यवाद दें. चावल को धन्यवाद दें. ब्रह्मांडीय उर्जाओं को धन्यवाद दें. जिसको दान दिया उसे धन्यवाद दें. विधान बताने के लिये मुझे धन्यवाद दें.
प्रयोग को लेकर कोई संसय हो तो मृत्युंजय योग की हेल्पलाइन पर काल करें.
*सबका जीवन सुखी हो यही हमारी कामना है*
*शिव शरणं*