सूखे फूल घर में न रखें

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सभी अपनों को राम राम
शिव गुरू की कृपा से आप सबका जीवन सदा सर्वदा प्रेम और आनंद से भरा रहे.
जिनको लगता है कि उनके घर परिवार में अकारण मुसीबतें आती रहती हैं.
कुछ दिन राहत मिलती है मगर जल्दी ही दोबारा बाधायें परेशान करने लगती हैं.
जिनको लगता है कि उनके घर में ऊपरी हवा है.
जिन घरों में लोग अक्सर बीमार रहते हैं.
जिन घरों में बेवजह के झगड़े होते हैं.
जिन घरों में लोग एक दूसरे का सम्मान नही करते.
जिन घरों में धन नही रुकता.
जिन घरों में बच्चे बिगड़ रहे हैं.
जिन घरों में बेचैनी का माहौल रहता है.
वहां के लोग तीन चीजें अच्छी तरह से चेक कर लें.
नम्बर एक घर में कही सूखे फूल तो नही रखे हैं.
नम्बर दो घर की देव मूर्तियों या फोटो पर धूल तो नही जम रही है.
नम्बर तीन घर के मंदिर के आस पास मकड़ी का जाला तो नही लग रहा है.
ये सारी ही स्थितियां घर की उर्जाओं को तेजी से बिगाड़ती हैं.
खास तौर से सूखे फूल घर की बरक्कत में बाधा उत्पन्न करते हैं.
अक्सर देखा गया है कि लोग विभिन्न मंदिरों या तीर्थों से देव प्रतिमाों पर चढ़े फूल घर ले आते हैं. सूख जाने के बाद भी उन्हें घर में रखे रहते हैं.
फूलों में उर्जाओं को धारण करने की विशेष क्षमता होती है. जब उन्हें देव प्रतिमाओं पर चढ़ाया जाता है तो वे देव तुल्य सकारात्मक उर्जाओं को अपने भीतर धारण कर लेते हैं. पुजारी द्वारा जब वे फूल किसी व्यक्ति को दिये जाते हैं तो वे सकारात्मक उर्जायें उस व्यक्ति के आभामंडल और उर्जा चक्रों में भर देते हैं. जब तक फूल सूखते नही है तब तक वे इस प्रक्रिया को जारी रखने में स7म होते हैं.
मगर सूख जाने या सड़ गल जाने पर उनकी ये क्षमता खत्म हो जाती है. साथ ही वे वातारण की नकारात्मकता ग्रहण करने लगते हैं. बाद में उसे निस्तारित करके घर में फैला देते हैं. इसी कारण देव प्रतिमाओं पर सूखे, मुरझाये या सड़े गले फूल कभी नही चढ़ाने चाहिये. प्रसाद स्वरूप देव स्थानों से लाये फूल जब सूख जायें तो उन्हें हटा देना चाहिये.

सबका जीवन सुखी हो, यही हमारी कामना है.
शिव शरणं

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