
सभी अपनों को राम राम
जिन घरों में वास्तुदोष होता है वहां उन्नति मुश्किल हो जाती है. विपत्तियां परेशान करती हैं. क्योंकि वास्तु की दूषित उर्जायें घर में रहने वाले सभी लोगों के आभामंडल और उर्जा चक्रों को हर क्षण प्रदूषित करती रहती हैं.
इससे बचने के लिये तांबे के एक लोटे में पानी भरकर घर के ईशान कोण (North-East) पर स्थापित करें.
विधि…
तांबें का एक लोटा लें, जिसमें कम से कम 1 लीटर पानी आ सके. उसके गले पर कलावा बांधें. धागे में पिरोकर एक मोती कलावा के साथ बांध दें. लोटे में पानी भरकर उसे तांबे ढक्कन से ढक दें. उसके बाद लोटा ईशान कोण वाले स्थान पर कहीं स्थापित कर दें.
भगवान शिव को साक्षी बनाकर लोटे से वास्तुदोष की दूषित उर्जाओं को हटाने का आग्रह करें. कहें- दिव्य जल पात्र मेरे घर में मौजूद वास्तु की दूषित उर्जाओं का निष्कासन करें. साथ ही कलावा के मध्य स्थापित मोती के द्वारा घर में सुख शांति की उर्जायें स्थापित करें. आपका धन्यवाद.
अगले दिन लोटे के जल को नाली में बहा दें.
इस तरह प्रतिदिन ईशान कोण में जल पात्र स्थापित करते रहें. शिव गुरू की कृपा से जल्दी ही उन्नति की राह खुलती नजर आएगी.
सबका जीवन सुखी हो, यही हमारी कामना है.
शिव शरणं