कुंडली आरोहण के बाद कायाकल्प और राज श्री योग
सभी को राम राम

कुंडली आरोहण साधना सम्पन्न हुई. 373 साधकों की कुंडली जागरण के लिये शक्तिपात हुआ. गुरु जी के मार्गदर्शन में शिवप्रिया जी ने रुद्राभिषेक करके साधकों की कुंडली शक्ति का सिंचन किया. इसके लिये साधकों की कुंडली को पारद शिवलिंग में स्थापित करके उन पर रुद्राभिषेक किया जाता है. इसे कुंडली आरोहण महाशक्तिपात कहते हैं.
देवताओं की भी बिगड़ी बना देने वाले रुद्राभिषेक की महान उर्जाओं को शिवलिंग में स्थापित साधक की कुंडली शक्ति पर प्रवािहत किया जाता है. 1 घंटा 10 मिनट लगातार चलने वाले शक्तिपात के इस प्रवाह से कुंडली शक्ति प्राकृतिक सक्रियता को ग्रहण कर लेती है. और जाग उठती है.
कुंडली जागरण शक्तिपात के बाद गुरु जी ने साधकों की कुंडली को उनके उर्जा चक्रों के भेदन की राह दी. इसके लिये कुंडली और चक्रों के ब्रह्मानाद व बीज मंत्रों का सहारा लिया गया। उसी विधि से साधक अपनी जागी हुई कुंडली से काम लेंगे. इसके लिये गुरु जी ने पहली बार सभी साधकों को इसकी आडियो- वीडियो सी डी उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी. जिसकी सहायता से अब साधक न सिर्फ सरलता से अपनी कुंडली शक्ति का आरोहण कर लेंगे. बल्कि उसका उपयोग करते रहेंगे.
कुंडली आरोहण के बाद आज शिवप्रिया जी ने उच्च साधकों को कायाकल्प साधना कराई. शाम की साधना में उच्च संजीवनी उपचारकों ने उनसे ज्ञात अज्ञात जानना सीखा. कल भी शिवप्रिया जी ज्ञात अज्ञात जानना सिखाएंगी. साथ ही उच्च साधकों को राज श्री योग साधना कराएंगी.
हम आपको बताते चलें कि कुंडली आरोहण के बाद राज श्री साधना बहुत ही प्रभावशाली हो जाती है.
जो साधक कुंडली आरोहण महासाधना और कायाकल्प साधना में शामिल हुए. वे अपने अनुभव हमारे साथ जरूर शेयर करें.
…. टीम मृत्युंजय योग.