प्रारब्ध मोचन साधनाः जन्मों के दुखों से मुक्ति

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बहुत बार देखने में आता है कि अवसर मिलने के बाद भी कुछ लोग परिस्थितियों का लाभ नही उठा पाते। पूजा पाठ, साधनायें भी फल नही दे पातीं। योग्यता क्षमता के बावजूद दूसरों से पिछड़ जाते हैं। उन्हें पारिवारिक सुख या तो मुश्किल से मिलता है या मिलकर भंग हो जाता है। धन और प्रतिष्ठा की स्थितियां बार बार बिगड़ती हैं। समझ में न आने वाले कारण दुखी करते हैं।
जैसे भाग्य उनके लिये बना ही नही।
गहराई से जांचने पर पता चलता है उनके प्रारब्ध दुख दे रहे हैं। इस जनम में जो गलतियां उन्होंने की नहीं, उनका दंड भुगत रहे हैं। 
इन लोगों को प्रारब्ध मोचन साधना कर लेनी चाहिये।
ताकि व्यक्तित्व निर्माण व सामाजिक उत्थान के रोड़े हटें।
सफलता की राह खुले। कर्म योग जगे।
पुरुषार्थ फलित हो। किसी से पिछड़ने न पायें।
तानों, आलोचनाओं, साजिशों, असफलताओं से छुटकारा मिले।
जन्मों से चला आ रहा दुर्भाग्य खत्म हो।
प्रारब्ध मोचन के लिये अपने आभामंडल से पीड़ा-परेशानी पैदा करने वाली नकारात्मक उर्जाओं को हटायें। मूलाधार, मणिपुर, सौभाग्य चक्र, प्रारब्ध चक्र को ठीक करें। सूक्ष्म शरीर में पंच तत्वों का जागरण करें। इसे सक्षम मार्गदर्शन में ही करें।
एनर्जी गुरू श्री राकेश आचार्या जी को हिमाचय साधना के दौरान सिद्ध संतों से प्रारब्ध मोचन की अचुक विधि प्राप्त हुई। उन्होंने आज के परिवेश में उसे सरल करके प्रस्तुत किया है। जिससे साधक सरलता पूर्वक प्रारब्ध मोचन कर सकें।
आप भी उसे अपनाकर प्रारब्ध की पीड़ा देने वाली जन्मों की नकारात्मक उर्जाओं को हटा सकते हैं। समस्याओं के दुख से बाहर निलक सकते हैं।
प्रारब्ध मोचन साधना में आनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिये आगे दिया लिंक यूज करें।
रजिस्ट्रेशन करते ही साधना विधान मिल जाएगा।
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