समृद्धि साधना: किसी वरदान से कम नहीं.
लम्बे इंतजार के बाद दिल्ली आश्रम में समृद्धि साधना शुरू हो गयी. जो हर शनिवार व् रविवार को हुआ करेगी. अर्थ के इस युग में ऐसी साधनाएं किसी वरदान से कम नही.
आप भी उसमे हिस्सा ले सकते हैं. लेकिन इसके लिये पहले ही से अपना स्थान सुरक्षित कराना होगा. आज पहले दिन कई लोगों को स्थान की कमी के कारण साधना कक्ष के बाहर ही बैठना पड़ा. आश्रम के साधना कक्ष की खासियत है कि वहां बैठकर की गयी साधनाएं विफल नहीं होतीं. क्योकि गुरुदेव उसे 24 घण्टे में 2 बार उर्जित करके सफलताओं के लिये प्रोग्राम करते हैं.
समृद्धि साधना के बारे में बताता चलूँ कि ये शिवगुरु के संकेत पर गुरुवर द्वारा रची गयी अति प्रभावी साधना तकनीक है. जिसके जरिये आप सीधे कुबेर के ख़ज़ाने में पहुंचकर अपने लिये धन इकट्ठा करते हैं.
ये साधना तकनीक आपने कहीं और न देखी होगी न सुनी होगी. इसके जरिये आपकी चेतना अप्सराओं के साथ ट्रेवलिंग करती हुई. देवताओं के द्वारा स्थापित एक दिव्य पारद शिवलिंग तक पहुँचती है. वहां समृद्धि साधना सम्पन्न करके आपकी चेतना को कुबेर के खजाने में ले जाया जाता है. वहां आप अपने हिस्से का खजाना अपने लिये अलग कर लेते हैं. ताकि जीवन से आर्थिक संकट हमेशा हमेशा के लिये दूर हो जाएँ और समृद्धि सुख स्थापित हो.
साधना बड़ी ही दिव्य है.
गुरुवर ने 12 सालों तक अनुसन्धान करके इसे स्थिर किया, सो इतनी सरल है कि बरसों में होने वाला साधना अनुभव 28 मिनट में हो जाता है. चूँकि इसमें अवचेतन मन की शक्तियों को जगाकर उनका उपयोग किया जाता है सो इसके नतीजे बड़े ही चमत्कारिक होते हैं.
इस साधना को करते वक्त टाइम का पता ही नही चलता. बस मन करता है कि इसे करते ही चले जाएँ.
बहुत बड़ी बात ये है कि इस साधना में न तो कोई सामान लगता है और न ही कोई पैसा, बस आपको भगवान शिव में निष्ठा और खुद में विश्वास बनाये रखना है. गुरुदेव तो आपके साथ हैं ही.
सत्यम् शिवम् सुन्दरम्
शिव गुरु को प्रणाम
गुरुवर को नमन.
