201 आत्मा अनुष्ठान, विधान, संकल्प

  • औरिक अनुष्ठान, साधना, आराधना, मंत्र जप, शिवार्चन, हवन, गंगा माता सहित हिमालय क्षेत्र के सभी देवी देवताओं, सिद्ध संतो की शक्तियों का आवाहन।
  • उनसे संचित पुण्य फल की ऊर्जाओं को आत्मा के उत्थान के लिए आवाहन।
  • अर्जित दैवीय ऊर्जाओं के आवाहन से आत्मा का देवात्मा के रूप में उत्थान।

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राम राम।
यह विशेष ऊर्जाओं को संचित करके आत्मा उत्थान का 40 दिन का अनुष्ठान है। जिसमें अनुष्ठान/साधना में सूक्ष्म भागीदारी के लिए साधकों की सूक्ष्म चेतना को रोज आमंत्रित किया जाएगा।
इसके लिए हर दिन डोनेशन भेजने के बाद निम्न लिखित संकल्प वाक्य दोहराएं।
साथ ही अपने विचारों में दया, करुणा, क्षमा और देव शक्तियों के भाव नियमित बढ़ाते रहें।

1: श्री गणेशाय नमः
बोलकर गणेश जी को नमन करें।
2: शिव गुरु को साक्षी बनाएं।
कहें_ हे देवाधिदेव महादेव आपको प्रणाम। आपको साक्षी बनाकर मै अपनी आत्मा का उत्थान करके उसे देवात्मा बनाने की प्रक्रिया संपन्न कर रहा हूं। आत्मा उत्थान की विशेष ऊर्जाओं हेतु अपनी सूक्ष्म चेतना एनर्जी गुरु एवं शिवशिष्य राकेश आचार्या जी के पास प्रेषित कर रहा हूं।
सफलता हेतु मुझे अनुमति प्रदान करें। दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करें। मुझे देवात्मा का सुख प्रदान करें।
आपका धन्यवाद!

3: सूक्ष्म शरीर को संप्रेषण की अनुमति।
कहें_ मेरे दिव्य सूक्ष्म शरीर आत्मा उत्थान हेतु विशेष ऊर्जाओं के पुण्य फल को अर्जित करने के लिए मै आपको एनर्जी गुरु राकेश आचार्या जी के आवाहन पर उनके पास जाने की अनुमति देता हूं।

4: आत्मा से उत्थान का आग्रह।
कहें_ मेरी दिव्य आत्मा एनर्जी गुरु राकेश आचार्या जी के आग्रह को स्वीकार करें। उनके द्वारा और हमारे द्वारा संपन्न साधना, आराधना, अनुष्ठान के पुण्य फल को ग्रहण करें। धारण करें। उत्थानित होकर देवात्मा बन जाएं।
मुझे आरोग्य सुख पूर्वक शतायु प्रदान करें। लोक कल्याण हेतु देव शक्तियां प्रदान करें। मेरी और मेरी द्वारा इच्छित लोगों की कामनाएं पूरी करें।
आपका धन्यवाद!