संजीवनी घंटा

जहां नियमित घंटा बजता है वहां नकारात्मकता खत्म हो जाती है, सकारात्मकता स्थापित होती है.

सभी को राम राम
संजीवनी घंटा सालों से बिगड़े वास्तु, पीढ़ियों से आ रहे परिवारिक दोष, रुकावटों, बाधाओं, आर्थिक दबाव, बीमारियों, कलह, रिश्तों में टूटन की नकारात्मक उर्जाओं को तोड़कर ध्वस्त कर देता है. मृत्युंजय योग की टीम ने अपने लेटेस्ट सर्वे में पाया कि जिन बच्चों का पढ़ाई में बिल्कुल मन नही लगता, उनकी भी एकाग्रता बढ़ जाती है.
हमारे ऋषियों मुनियों ने लाखों साल पहले घंटे के उपचारक उपयोग का पता लगा लिया था. तब से अध्यात्म में विभिन्न रूपों में लगातार इसका उपयोग होता आ रहा है.
शास्त्रों में लिखा है- आगमनाय देवानाम गमनाय दैत्यानाम, घंटा ध्वानि नमस्तुते।
भावार्थ- जो दैत्य तुल्य नकारात्मक शक्तियों को भगा देती है और देव शक्तियों को आकर्षित कर लाती है उस घंटा ध्वनि को नमस्कार है.
यही सच्चाई भी है. जहां नियमित घंटा बजता है वहां नकारात्मकता खत्म हो जाती है, सकारात्मकता स्थापित होती है. यहां हम बात सत्यनारायण भगवान की कथा के समय उपयोग किये जाने वाले घंटे की कर रहे हैं.
पूजापाठ में भी लोगों के सुविधाभोगी हो जाने के कारण घंटे की जगह घंटियों ने ले ली. इस कारण इसका वैज्ञानिक पक्ष पीछे छूट गया. उसकी जगह रूढ़िवादिता ने ले ली. विज्ञान ये है कि घंटे की तीब्र तरंगें आस पास फैली नकारात्मक उर्जाओं को छिन्न भिन्न कर देती हैं. वहां मौजूद लोगों के आभामंडल और उर्जा चक्रों में मौजूद नकारात्मकता को भी तोड़कर निकाल देती हैं.
घंटे की सकारात्मक तरंगों को संजीवनी उपचार में वेदकाल से अपनाया जा रहा है. संजीवनी उपचार की इस विधा को पुनः स्थापित करने के लिये हमारे गुरू जी इस पर कई साल से अनुसंधान कर रहे थे. हाल ही में उन्होंने संजीवनी घंटा का आविष्कार कर लिया. जिससे चार सिद्ध रुदराक्षों के द्वारा घंटा ध्वनि के साथ मिलकर किसी भी जगह पर 4 औरिक दवारें स्थापित कर दी जाती हैं. जो उस जगह पर दुख देने वाली नकारात्मक उर्जाओं को घुसने से रोकने में सक्षम होती हैं. साथ ही घंटे की ध्वनि से वहां विखंडित हुई नकारात्मक उर्जाओं को फिल्टर करके कैम्पस के बार फेंक देती हैं. उसी समय घंटे के ऊपर स्थापित कपूर की तरंगे ध्वनि के साथ फैलकर चारो तरफ सुखकारी उर्जायें स्थापित कर देती हैं.
संजीवनी घंटा किसी भी स्थान, व्यक्ति या समूह का संजीवनी उपचार करने में सक्षम होता है. इसकी पावरफुल पाजिटिव वेब में ग्रह-वास्तु की नकारात्मकता, ऊपरी बाधाओं, बीमारियों यहां तक की डिप्रेशन की उर्जाओं को भी ध्वस्त कर देने की क्षमता होती है.

उपयोग की विधि:

  1. संजीवनी घंटे को रोज सुबह शाम अपने घर में 10 मिनट जरूर बजाये. कोशिश करें जिस समय संजीवनी घंटा बजा रहे हैं परिवार के सभी लोग एक साथ एकत्रित हो. जब सभी लोग एकत्रित होंगे तो संजीवनी घंटा परिवार के सभी सदस्यों के आभामंडल और ऊर्जा चक्रों की सफाई स्वतः कर देगा. इससे रुकावटे हटेगी, घर में खुशहाली और समृद्धि की स्थापित होगी.
  2. परिवार का कोई सदस्य अगर बीमार है तो उसकी फोटो को संजीवनी घंटे के नीचे रखकर 10 मिनट संजीवनी घंटा बजाएं. घंटा बजाते समय संजीवनी मंत्र का जाप करें. (ऊं. ह्रौं जूं सः …..(नाम) पालय पालय सः जूं ह्रौं ऊं)
  3. महीने में एक बार घर में सत्यनारायण भगवान की कथा जरूर कराएं। जब सत्यनारायण भगवान की कथा हो तो हर अध्याय के बाद संजीवनी घंटा और शंख बजाएं इससे परिवार के सभी सदस्यों के सौभाग्य का जागरण होगा.

सिद्ध संजीवनी घंटे की अधिक जानकारी लेने या प्राप्त करने के लिये आप हमारे संस्थान की हेल्पलाइन पर सम्पर्क कर सकते हैं. हेल्पलाइन नं. – 9250500800
शिव शरणम्