आफत लाने वाला सूर्य ग्रहण

surya grhan
आफत लाने वाला सूर्य ग्रहण
खुद अपना बचाव सुनिश्चित करें
[महामारी बढ़ने के साथ ही इसके प्रभाव से तीसरे विश्व युद्ध की नींव पड़ जाएगी। साथ ही लोगों के व्यक्तिगत जीवन पर कर्ज-मर्ज-कलह की मार पड़ेगी।]

सभी अपनों को राम राम
21 जून 2020 ( ग्रहण का समय-10.20am से 3.04pm)। ब्रह्मांड में बड़ी घटना होगी। सूर्य ग्रहण होगा। वैसे तो सूर्य ग्रहण होते रहते हैं, मगर यह ग्रहण उन खगोलीय घटनाओं में से है जिनसे दुनिया और दुनिया के लोगों पर आफत का खतरा पैदा होता है।
आधुनिक वैज्ञान के मुताबिक इस ग्रहण में चंद्रमा की छाया सूर्य को ढक लेगी। ज्योतिष विज्ञान के मुताबिक सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को राहु, केतु नाम के शक्तिशाली ब्लैक होल खा जाएंगे। तब सूर्य की जीवन दायी उर्जा धरती पर नही पहुंच सकेगी। यह स्थिति कई घण्टे चलेगी। जिससे ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं में भारी असंतुलन का खतरा उत्पन्न होगा।
ऐसा तब होगा जब सूर्य और चंद्रमा का ब्रह्मांडीय विचरण एक साथ हो रहा होगा। यह ब्रह्मांड में पोषण व शोधनकारी हरी ऊर्जाओं का क्षेत्र होगा। इन ऊर्जाओं में नकारात्मकता खत्म करने की विशेषता होती है।
ये वे ऊर्जाएं हैं जो दुनिया में पैदा होने वाली बीमारियों और और शैतानी सोच को खत्म करती हैं। लोगों के दिमाग में समझदारी पैदा करती हैं। इनमें शक्तिशाली ब्लैक होल द्वारा की जाने वाली दखलांजी दुनिया पर आफत का कारण बन सकती है। अदृश्य विषाणुओं की बढ़ोत्तरी और उलझन भरी नासमझी में लिये गए मानव निर्णय दुनिया पर भारी पड़ सकते हैं। इसी तरह परिवारों में ब्याकुलता भरे फैसले तमाम परिवारों की बर्बादी का सबब बन सकते हैं।
महामारी बढ़ने के साथ ही इसके प्रभाव से तीसरे विश्व युद्ध की नींव पड़ सकती है। साथ ही लोगों के व्यक्तिगत जीवन पर कर्ज-मर्ज-कलह की मार पड़ सकती है।
सभी को इस आफत से अपने स्तर पर निपटना होगा। व्यक्तिगत रूप से इस ग्रहण का असर हर व्यक्ति के आभामण्डल, मणिपुर चक्र, विशुद्धि चक्र पर पड़ेगा।
बुरे असर से बचने के लिये सभी अपने आभामण्डल की सफाई करें। मणिपुर, विशुद्धि चक्रों को उपचारित करें।
इसके लिये जो जानते हैं वे खुद पर और अपने परिवार जनों पर 21 जून से 5 दिन तक रोज संजीवनी शक्तिपात करें। जिन्हें संजीवनी विद्या का ज्ञान नही वे किसी अन्य संजीवनी उपचारक की सहायता प्राप्त कर लें।
साफ पानी वाली नदियों में नहाने से आभामण्डल और उर्जा चक्र प्राकृतिक रूप से साफ हो जाते हैं। दान की वस्तुओं के साथ आभामण्डल की नकारात्मक ऊर्जाएं निकल जाती हैं। ग्रहण से बिगड़ी ऊर्जाओं को साफ करने के लिये लोग युगों से इनका उपयोग करते आये हैं। आप भी कर सकते हैं।
नमक के पानी से नहाने से भी आभामण्डल की सफाई हो जाती हैं। रोज नहाएं।
जिनके पास अपनी एनर्जी को सीधे ठीक करने की कोई विधा उपलब्ध नही है वे ग्रहण के समय नीचे लिखे मन्त्र का कम से कम 3 घण्टे जप करें। साथ ही अगले एक महीने तक हर दिन बिना नागा इस मन्त्र का 3 माला जप करते रहें।
ग्रहण से उत्पन्न हर तरह की नकारात्मकता से बचने के लिये साधक ॐ जुं सः सूर्याय नमः मन्त्र का जप करें।
जो साधक सिद्धियां अर्जित करना चाहते हैं उनके लिये यह ग्रहण वरदान तुल्य है। ऐसे साधक ग्रहण के समय इस मन्त्र का 10 मिनट जप करके अपने सिद्धि वाले मन्त्र का कम से कम 2 घण्टे जप करें।
ग्रहण को लेकर की जाने वाली किसी भी भविष्यवाणी से डरे बिल्कुल नही। अपितु सावधानी व उपाय अपनाएं। आपका कुछ न बिगड़ पायेगा।
सबका जीवन सुखी हो
यही हमारी कामना है।