कल चन्द्र ग्रहण: पीछे गरीबी, कलह और टकराव की ऊर्जाएं छोड़ जाएगा

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कल चन्द्र ग्रहण: पीछे गरीबी, कलह और टकराव की ऊर्जाएं छोड़ जाएगा
समर्थ साधक लक्ष्मी सिद्धि करें

सभी अपनों को राम राम।
कल चन्द्र ग्रहण है। इस बार का चंद्र ग्रहण अपने पीछे ब्रह्मांड में गरीबी, कलह और टकराव की ऊर्जाएं छोड़ जाएगा। ब्रह्मांड की लाल उर्जा में जगह जगह ब्लैक होल से बनेंगे। जिससे जीवन दायी उर्जा ड्रेन होकर किसी दूसरे ब्रह्मांड की तरफ फेंक दी जाएगी। नतीजन इस ब्रह्मांड में लाल उर्जा की भारी कमी उत्पन्न होगी। जो लोगों में आत्मबल की कमी, रोजगार में कमी, धन की कमी, विश्वास की कमी, मानसिक बीमारियों और बेचैनी का कारण बनेगी।
कई देशों और वहां के परिवारों पर इसका सीधा असर दिखेगा। इसे बड़ी चिंता की बात कह सकते हैं। कोरोना काल पहले ही दुनिया को भारी आर्थिक संकट में ढकेल रहा है।
सभी लोग अपने मूलाधार चक्र और सौभाग्य चक्र की सफाई व ऊर्जीकरण सुनिश्चित करें। इसके लिये जो भी विधि ज्ञात हो उसे अपनाएं। किसी भी विधि की जानकारी न हो तो मंत्र संजीवनी उपचार का सहारा लें। जिनके पास एनर्जी रिपोर्ट है वे बिल्कुल भी न घबराएं। उसमें दी विधि से ब्रह्मांडीय उर्जा स्नान रोज करें। मूलाधार और सौभाग्य चक्र को उर्जित करें। इसमें आलस्य बिल्कुल ठीक नही।
विपत्तियों में भी सृजन के अवसर होते हैं। चंद्र ग्रहण के समय देवी सिद्धि की अनुकूलता बढ़ जाती है। देवी लोक से मन्त्र शक्ति की कनेक्टिविटी प्रबल हो जाती है। ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं में बदलाव के इस घटनाक्रम में सक्षम साधक चन्द्र ग्रहण का लाभ उठाएं। लक्ष्मी सिद्धि करें।
चंद्र ग्रहण के समय ॐ ह्रीं नमः मन्त्र का जप करके माता लक्ष्मी की ऊर्जाओं का आकर्षण करें। मां लक्ष्मी की ऊर्जाओं में सकारात्मक लाल ऊर्जाओं की अधिकता होती है। इसलिये उससे धन के अवसर बढ़ेंगे और आत्मबल भी।
विधान….
ग्रहण काल- 5 जून 2020 की रात, 11.16 बजे से 2.32 बजे तक।
मन्त्र- ॐ ह्रीं नमः
अवधि- ग्रहण काल।
सामग्री- कोई नही।
संकल्प 1- हे दिव्य संजीवनी शक्ति मुझपर दैवीय उर्जा का शक्तिपात करें। चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने और साधना की सफलता हेतु मेरे आभामंडल और उर्जा चक्रों को सुरक्षा कवच प्रदान करें। मुझे मेरे गुरुदेव भगवान शिव के चरणों से जोड़कर रखते हुए मेरे आभामंडल को माता लक्ष्मी के आभामंडल से जोड़ दें।
संकल्प 2- हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूं मुझ शिष्य का नमन स्वीकारें। मुझे अपनी शरण में लें। आपको साक्षी बनाकर मै ग्रहण काल में ॐ ह्रीं नमः मंत्र का मानसिक जप करके लक्ष्मी साधना कर रहा हूँ। इसकी सफलता हेतु मुझे दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करें। चन्द्र ग्रहण के दुष्प्रभाव से मेरी और मेरे परिवार की रक्षा करें।
संकल्प 3-हे मां लक्ष्मी मै अपने गुरु भगवान शिव को साक्षी बनाकर ॐ ह्रीं नमः मंत्र जप करके आपकी साधना कर रहा हूँ। आप इसे स्वीकार करें, साकार करें। मुझे और मेरे परिवारजनों को लक्ष्मी सुख प्रदान करें।
संकल्प 4- हे दिव्य लक्ष्मी शक्ति मन्त्र ॐ ह्रीं नमः मेरे तन मन मस्तिष्क आभामंडल षड चक्रों कुंडलिनी सहित सभी शक्ति केंद्रों में व्याप्त हो जाइए। मेरी भावनाओं से जुड़कर मेरे लिये सिद्ध हो जाइए। मेरे लिये लक्ष्मी सिद्धि सुनुश्चित करिये।
साधना के लिये स्नान करके बैठें। कपड़े कोई भी पहनें। थोड़ा इतर लगा लें। आसन जो भी उपलब्ध हो उसका उपयोग करें। किसी तरह का भोग प्रसाद न लगाएं। दीपक जला लें। जप के लिये माला का उपयोग न करें। उत्तर मुख होकर ध्यान मुद्रा में बैठें। उपरोक्त संकल्प बोलें। मंत्र जप आरम्भ करें। जप के लिये लगभग 3 घण्टे का समय मिलेगा। सामर्थ्य अनुसार जितना कर सकते हैं, उतना ही करें। कम से कम 1 घण्टे जप जरूर करें।
जप के बाद पुनः स्नान करें। फिर सो जाएं।
शिव शरणं।।