5 अप्रैल को साधक काल दीप जरूर जलाएं

Corona 5 april
Corona लड़ाई …
5 अप्रैल को साधक काल दीप जरूर जलाएं

सभी अपनों को राम राम
P M मोदी जी ने 5 अप्रैल को देश से दीये जलाने की अपील की है। हम उनका समर्थन करते हैं।
आज देश को सकारात्मक ऊर्जाओं की बड़ी जरूरत है। लॉक डॉउन से घरों में बन्द लोगों में नकारात्मक ऊर्जाओं की बढ़ोत्तरी स्वाभाविक रूप से होगी ही। ऐसी ऊर्जाएं घर के कोने कोने में फैलकर लोगों पर हमले करती हैं। चिड़चिड़ापन और निराशा पैदा करती हैं। लोगों को तन मन धन से कमजोर करती हैं। उन्हें हटाने के लिये घर में दीपक जलाना एक बड़ा विज्ञान है।
यदि विज्ञान उर्जा नापने का कोई सक्षम यन्त्र बना पाता तो दीपक जलाने से पहले और बाद की ऊर्जाओं का फर्क देखकर अचंम्भित रह जाते। दरअसल जिस टेम्परेचर पर दीपक जलता है, उससे उतपन्न ऊर्जाओं की तरंगें अदृश्य रूप से व्यापक क्लींजिंग करने में सक्षम होती हैं। साथ ही उनसे उत्साह और कांफिडेंस बढ़ाने वाली ऊर्जाओं का उत्सर्जन होता है।
आत्मबल और उत्साह लोगों को न सिर्फ बीमारियों पर विजय दिलाता है बल्कि तन मन धन की सभी परिस्थियों को इंसान की मुट्ठी में कर देता है।
देश में जब सामूहिक रूप से दीप जलेंगे तो निश्चित ही छिपे हुए दुश्मन (अदृश्य नकारात्मकता) का नाश होगा। कोरोना भी आंखों से न दिखने वाला छिपा हुआ दुश्मन है।
वैदिक उपचार में सरसों के तेल से जलने वाले काल दीप का बड़ा महत्व है। आस्थावान मानते हैं कि इससे काल अर्थात मृत्यु तक टल जाती है। इसे घर से बाहर दक्षिण अर्थात दायीं तरफ जलाया जाता है।
विज्ञान ने उर्जामापी यन्त्र बनाया होता हो हम देखते कि दक्षिण की तरफ नकारात्मक हैवी ऊर्जाओं का खतरनाक जमाव बार बार होता है। जो विभिन्न बीमारियों का कारण बनता है। खासतौर से मानसिक बीमारियों का। यन्त्र होता तो दीपक जलाने के कुछ देर बाद हम उर्जा के जमाव को खत्म हुआ भी देखते।
*मृत्युंजय योग के सभी साधक P M मोदी जी द्वारा घोषित समय पर अपने घरों से बाहर काल दीप भी जलाएं। यह मिट्टी के दीप में सरसों के तेल से जलेगा। मिट्टी का दीप न हो तो आटे से दीप बना लें। मोदी जी द्वारा घोषित समय 5 अप्रैल की रात 9 से 9.9 बजे का है।
इसके साथ ही उसी समय घर के भीतर भी सरसों का दीप जलाएं। सरसों के तेल में gold सोने के नैनोपार्टिकल होते हैं। जिस टेम्परेचर पर दीपक जलता है उसमें सोने के ये पार्टिकल टूटकर घर में फैल जाते हैं। इनमें नकारात्मक ऊर्जाओं को धकेलकर घर से बाहर कर देने की प्राकृतिक क्षमता होती है। इसी कारण लक्ष्मी प्राप्ति की साधनाओं में सरसों के तेल का दीपक अनिवार्य रूप से जलाया जाता है। क्योंकि नकारात्मकता को हटाए बिना लक्ष्मी का आकर्षण सम्भव नही।
दीप जलाने के बाद सभी साधक ध्यान मुद्रा में बैठकर मृत्युजंय मन्त्र ॐ ह्रौं जुं सः सर्व जनम पालय पालय सः जुं ह्रौं ॐ का 10 मिनट जप करें।
फिलहाल घर में रहें, गर्म पानी पीते रहें। सुरक्षित रहें।
सबका जीवन सुखी हो
यही हमारी कामना है।
!! शिव शरणं !!

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