मुम्बई आश्रम में शक्तिपात साधना

m.png

पंचतत्व जागरण और ग्रह शांति के लिये

मृत्युंजय विज्ञान का उपयोग कराया गया

सभी को राम राम
गुरु जी ने साधकों पर शक्तिपात करके उनके ऊर्जा चक्र और कुंडलिनी के जागरण की प्रक्रिया को संपन्न किया। साधकों ने कुंडली जागरण शक्तिपात के दिव्य अनुभव को हमारे साथ शेयर किया है।
कल की शक्तिपात साधना में गुरु जी ने साधकों के भीतर पंचतत्वों के संतुलन और सक्रियता हेतु मृत्युंजय विधान के द्वारा साधको के पंच केंद्रों को सक्रिय किया। इसके लिए मृत्युंजय विज्ञान का उपयोग किया गया। साथ ही गुरु जी ने मृत्युंजय विज्ञान के द्वारा ग्रहों को उपचारित करने की विधि समझाई। उनकी सकारात्मक ऊर्जा को अपने जीवन में उतारने और उपयोग करने की विधि साधकों को बताई। साथ ही साधकों को उनका प्रयोग कराया।
गुरु जी ने साधकों को बताया कि निकट भविष्य में कुछ ग्रहों का बड़ा परिवर्तन होने वाला है। जिसके तहत कुछ लोगों के जीवन में अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। मगर कुछ लोगों के जीवन में कुछ संघर्ष और विपरीत स्थिति उत्पन्न होगी। इन से भयभीत होने की जरूरत नहीं है न ही घबराने की जरूरत है। इन्हें ठीक करने के लिए शास्त्र काल से मृत्युंजय विज्ञान का उपयोग होता आया है। आप सब भी मृत्युंजय विज्ञान का उपयोग करें। जिसके तहत गुरु जी ने साधकों को मृत्युंजय मंत्र के साथ ग्रहों के मंत्रों की युति करना सिखाया और उनका प्रयोग कराया।
साधना के अंत में गुरु जी ने साधकों के पितरों के मोक्ष हेतु मोक्षकारी ऊर्जाओं को ब्रह्मांड में प्रक्षेपित करने की विधि संपन्न कराई। जिससे पितरों को संतुष्टि मिलती है और उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है। ज्ञात हो कि इस दिनों पितरों का महीना खरमास चल रहा है। इस माह लोग अपने पितरों के मोक्ष के लिये आध्यात्मिक अनुष्ठान करते हैं।
अगली शक्तिपात साधना 5 जनवरी 2020 ( रविवार ) को हरिद्वार में संपन्न होगी। वहां भी गुरु जी साधकों की कुण्डलिनी जागरण के लिये शक्तिपात करेंगे। साथ ही साधकों को मृत्युंजय शक्ति के उपयोग का विज्ञान समझाएंगे। उन्हें मृत्युंजय शक्ति के द्वारा ग्रह नक्षत्रों के प्रभाव बदलने और पंचतत्वों को विस्तृत करने का विधान बताएंगे।
मंदा झोरे जी की अनुभूति
Ram Ram Guruji
Aj shaktipat me bramha chakra pr dabav bana. Kundali chakra pr vibration shuru hue. Kafi samay bad muladhar chakra ki aur dheemi gati se urja jati mehsus ho rahi thi. Muladhar chakra pr vibration shuru hua aise hi swadhishthhan chakra pr urja jakar swadhishthhan chakra pr vibration shuru hua aur sukhad anand ki anubhuti ho rahi thi. wahi urja magmain chakra pr Jane pr vibration shuru hua. Nabhi chakra pr vibration shuru hua. Anahat chakra pr halachal hone k bad vibration shuru hua. Aagya chakra aur Tisre netra chakra pr dabav bana. Tisra netra chakra ghadi ki ulti disha me ghumane laga.
Bahot bahot dhanyawad Guruji🙏
Bahot bahot dhanyawad Arun Ji
Apke wajah se aaj meri Mumbai ashram me shaktipat sadhna achhe se hue.
Apka bahot bahot Dhanyawad
मंदा झोरे
सबका जीवन सुखी हो,
यही हमारी कामना है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s