मृत्युंजय योग के देवदूत


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राम राम, मै अरुण
19 सितम्बर को संजीवनी उपचारक दिवस पर मानव सेवा में समर्पित सहयोगियों को *मृत्युंजय योग के देवदूत* का सम्मान दिया जाएगा.
गुरू जी के जन्मदिन को संजीवनी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है.
मृत्युंजय योग फाउंडेशन द्वारा साधकों को मानवसेवा के लिये निःशुल्क प्रशिक्षित करने का कार्य कई वर्षों से निरंतर चल रहा है.
जो साधक महासाधना करते हुए जनसेवा में अग्रसर हैं. उन्हें *मृत्युंजय योग के महासाधक* के सम्मान से प्रशस्त किया जाएगा.
जो साधक महासाधना करते हुए संजीवनी उपचार के द्वारा मानवसेवा कर रहे हैं. उन्हें *मृत्युंजय योग के संजीवनी उपचारक* सम्मान से प्रशस्त किया जाना तय हुआ है. *उन्हें संजीवनी उपचारक का परिचय पत्र* भी दिया जाएगा. ताकि वे लोगों के बीच अपनी पहचान को बेहतर तरीके से पेश कर सकें. उन्हें संजीवनी उपचार के लाभ से अवगत करा सकें.
जो साधक महासाधना केंद्र स्थापित करके लोगों की सेवा कर रहे हैं. और उन्होंने संस्था से महासाधना, संजीवनी उपचार का उच्च प्रशिक्षण प्राप्त किया है. अपना अधिकांश समय मानव सेवा को समर्पित कर रहे हैं.
उन्हें *मृत्युंजय योग के देवदूत* सम्मान से प्रशस्त किया जा रहा है. साथ ही उन्हें गुरू जी के साथ गुप्त साधनायें करके खुद को सिद्ध करने का अवसर मिलता रहेगा.
मृत्युंजय योग की मानव सेवा समिति ने प्रथम चरण में पंकज जैन, ज्योति अरोड़ा, पूजा पाटिल, डा. विशाल, अशोक कुमार, अमित मिश्रा, एम. कनन सहित 15 साधकों के नाम मृत्युंजय योग के देवदूत सम्मान हेतु सुझाये हैं. 40 अन्य नामों पर विचार चल रहा है. इन सभी को देश भर में मानवसेवा हेतु विशेष अध्यात्मिक प्रशिक्षण दिया जाएगा.
जो साधक खुद को मानवसेवा के उपरोक्त मानकों से परिपूर्ण मानते हैं. वे महासाधक, संजीवनी उपचारक व मृत्युंजय योग के देवदूत बनने की अपनी इच्छा से हमें अवगत करा सकते हैं.
हेल्पलाइन- 8377919461

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